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फिर साथ आ सकते है शिवपाल यादव और अखिलेश यादव 
फिर साथ आ सकते है शिवपाल यादव और अखिलेश यादव |Google
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खनन घोटाला: चुनाव की वजह से यह सब कुछ है, अगर BJP को जांच ही करानी थी तो पहले करानी चाहिये थी - शिवपाल 

शिवपाल यादव ने कहा सुवर्ण आरक्षण बिल भाजपा का लॉलीपॉप है। यह पूरा होगा कि नहीं इस पर शक है।

AKANKSHA MISHRA

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों के बीच गठजोड़ की नीति चरम पर है। सपा और बसपा के गठबंधन के बाद प्रसपा भी इस गठबंधन में जुड़ने जा रही है। प्रसपा के प्रमुख शिवपाल सिंह यादव ने कहा है कि "भाजपा को हराने के लिये अगर धर्म निरपेक्ष पार्टियां हमसे गठबंधन करना चाहेंगी तो हम निश्चित रूप से करेंगे।’’

CBI जांच कराने में BJP ने लगा दी देर

दरअसल गतिशील समाजवादी पार्टी-लोहिया (प्रसपा) के प्रमुख शिवपाल सिंह यादव ने बुधवार को खनन घोटाला मामले में पूछे जाने पर कहा कि सपा और बसपा की पूर्ववर्ती सरकारों पर खनन घोटाले के कई आरोप लगे थे लेकिन इस मामले में BJP को CBI की कार्रवाई करानी ही थी तो यह मोदी सरकार द्वारा देर से उठाया गया कदम है।

शिवपाल ने यहां कहा कि वर्ष 2007 से 2012 तक बसपा के शासनकाल में और 2012 से 2017 तक सपा के राज में खनन के नाम पर जमकर लूट-खसोट हुई। इसकी वजह से जनता को महंगाई का सामना करना पड़ा। इस पर कार्रवाई करने में भाजपा ने बहुत देर कर दी है।

चुनाव है कारण

प्रसपा प्रमुख ने कहा 2007 से 2012 तक खनन के नाम पर जो लूट हुई, उसकी जांच में भी देर हुई। 2012 से 2017 तक अखिलेश सरकार में जो लूट हुई उसकी जांच में भी देर हो चुकी है। उन्होंने यह भी कहा ‘‘अब तो चुनाव की वजह से यह सब कुछ है। अगर जांच ही करानी थी तो पहले करानी चाहिये थी।’’

मुझपर नहीं लगे आरोप

वर्ष 2004 से 2007 तक प्रदेश के खनन मंत्री रहे शिवपाल ने कहा कि उन पर अवैध खनन का कोई आरोप नहीं लगा है।

सवर्णो आरक्षण

शिवपाल ने गरीब सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने के केन्द्र सरकार के फैसले के बारे में कहा कि वह इसका समर्थन पहले से ही करते रहे हैं। यह अच्छी बात है कि इस पर कदम उठाया गया ‘‘लेकिन भाजपा ने तो बहुत से वादे किये थे और एक भी वादा पूरा नहीं किया। यह वादा भी कहीं अधूरा ना रह जाए। मुझे भाजपा पर भरोसा नहीं है।’’

सुप्रीम कोर्ट लगा सकती है रोक

उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री पी वी नरसिंह राव ने भी सवर्णों को आर्थिक आधार पर आरक्षण देने के लिये कदम उठाया था लेकिन उच्चतम न्यायालय ने उस पर रोक लगा दी थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को विचार करना चाहिये कि जब उच्चतम न्यायालय ने रोक लगा दी है तो यह आरक्षण कैसे दिया जाएगा। यह भाजपा का लॉलीपॉप है। यह पूरा होगा कि नहीं इस पर शक है।

धर्मनिरपेक्ष पार्टियों के गठबंधन में शामिल होंगे

अपनी पार्टी के कांग्रेस के साथ गठबंधन की अटकलों के बारे में प्रसपा प्रमुख ने कहा कि वह धर्मनिरपेक्ष पार्टियों के गठबंधन में शामिल होना चाहते हैं। अगर पार्टी को सम्मानजनक सीटें मिलेंगी तो हमारे दरवाजे खुले हैं।

अखिलेश से हो सकती ही सुलह

इस सवाल पर कि अगर सपा प्रमुख अखिलेश खुद मिलना चाहेंगे तो क्या रुख अपनाया जाएगा, शिवपाल ने कहा ‘‘जो मुझे अपमान झेलना पड़ा, वह बर्दाश्त नहीं किया जा सकता लेकिन भाजपा को हराने के लिये अगर धर्म निरपेक्ष पार्टियां हमसे गठबंधन करना चाहेंगी तो हम निश्चित रूप से करेंगे।’’

इस मौके पर पांच बार के विधायक और प्रदेश के कैबिनेट मंत्री रह चुके शिव कुमार बेरिया अपने समर्थकों समेत प्रसपा में शामिल हो गये। शिवपाल ने कहा कि बेरिया के आने से पार्टी को मजबूती मिलेगी।