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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन|IANS
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प्रधानमंत्री मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच हैदराबाद हाउस में बैठक शुरू

प्रधानमंत्री मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच शुक्रवार को वार्षिक द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन की प्रतिनिधिमंडल स्तरीय वार्ता से पहले हैदराबाद हाउस में बैठक शुरू हुई। 

AKANKSHA MISHRA

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच शुक्रवार को वार्षिक द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन की प्रतिनिधिमंडल स्तरीय वार्ता से पहले हैदराबाद हाउस में बैठक शुरू हुई। मोदी ने यहां हैदराबाद हाउस में पुतिन का स्वागत किया। दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से हाथ हिलाकर एक-दूसरे को गले लगा लिया।

पुतिन 19वें भारत-रूस द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन के लिए गुरुवार शाम यहां पहुंचे थे। उन्होंने बाद में 7, लोक कल्याण मार्ग स्थित मोदी के आवास पर निजी मुलाकात भी की थी। इससे पहले विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने हवाईअड्डे पर पुतिन का स्वागत किया।

शिखर सम्मेलन के बाद शुक्रवार को दोनों पक्षों के बीच लगभग 20 समझौतों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। इसमें 40,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से रूस से एस-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम की खरीद को लेकर होने वाला करार भी शामिल है।

आईएएनएस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह सौदा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा 'काउंटरिंग अमेरिकाज एडवर्सेरीज थ्रू सैन्कशंस एक्ट' (सीएएटीएसए) कानून के जनवरी में प्रभावी होने के बाद से अटकलों का विषय रहा है।

सीएएटीएसए उन देशों पर लागू होता है, जो रूसी, ईरानी और उत्तरी कोरियाई रक्षा कंपनियों के साथ व्यापार करते हैं। बैठक में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर उस पर अमेरिका द्वारा नए प्रतिबंध लगाए जाने को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है।

भारत नए प्रतिबंधों को लेकर चिंतित है, जो 4 नवंबर को लागू होने वाला है क्योंकि भारत के लिए ईरान तेल का प्रमुख आपूर्तिकर्ता है। रूस केवल उन दो देशों में से एक है जिसके साथ भारत वार्षिक द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन रखता है, दूसरा देश जापान है।

आपको बता दें रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 16वें वार्षिक द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन में प्रतिनिधिमंडल स्तरीय वार्ता के लिए भारत दौरे पर हैं ,भारत को उम्मीद है की दोनों पक्षों के बीच 20 समझौतों पर सहमति बन सकती हैं। भारत और रूस के बीच कई विषयों पर चर्चा होने की उम्मीद है , जिसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम और भारत पर लगे सीएएटीएसए कानून प्रमुख हैं।