कबरई के व्यवसायी हत्यकांड में परिजनों ने लगाया आरोप, पुलिस अपराधी गठजोड़ के तहत हुई हत्या

पहले व्यापारी को मरवा दिया और अब उसको परिजनों और करीबियों को पुलिस द्वारा परेशान किया जा रहा है। पुलिस ने अंतिम संस्कार से पहले ही परिजनों को उठाकर पूछतांछ शुरू कर दी।
कबरई के व्यवसायी हत्यकांड में परिजनों ने लगाया आरोप, पुलिस अपराधी गठजोड़ के तहत हुई हत्या
indrakant tripathi karbai mahoba murder CaseGoogle Image

सामने आ रहे साक्ष्य कम से कम यही कहानी बयां करते जा रहे है। हालाँकि सरकार ने एसपी को सस्पेंड करके अपना काम कर दिया है लेकिन अगर इस मामले में पुलिस अपराधी सिंडिकेट सांमने आता है तो ये सभ्य समाज के लिए चिंता की बात होगी। परिवारीजनों ने एसपी, डीएम और जिले के नामी कुख्यात अपराधियों के मिले होने के आरोप लगाए हैं।

गलत के खिलाफ उठायी आवाज और मिली मौत:

पुलिस का होना समाज के लिए सुरक्षा की गारंटी होती है लेकिन उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में इसका बिल्कुल उल्टा हो गया है। दरअसल कबरई निवासी इन्द्रकांत त्रिपाठी पत्थर और विस्फोटक व्यवसायी थे जिनका काम पहाड़ों को तोड़ने के लिए कानूनी तरीके से विस्फोटक उपलब्ध कराना था लेकिन पिछले कुछ वक्त से इन्द्रकांत महोबा एसपी और जिलाधिकारी की कार्यशैली को लेकर दुखी चल रहे थे। इन्द्रकांत से महोबा जिलाधिकारी और एसपी श्री मणिलाल पाटीदार से लगातार 6-6लाख रुपये प्रतिमाह की रिश्वत की मांग की जा रही थी। जब मणिलाल ने इतनी बड़ी रकम को देने में असमर्थता जताई तो एसपी ने अपने इशारे पर स्थानीय मीडिया में इन्द्रकांत पर जुआँ खेलते हुए पुराना वीडियो वायरल कराया जिससे इन्द्रकांत को जुआरी घोषित किया जा सके। हालांकि इस पर जब इन्द्रकांत द्वारा सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल किया तो एसपी मणिलाल ने तमाम अन्य केस में फंसाने की बात कही। इन्द्रकांत द्वारा बार-बार यह कहा गया कि उसकी जान को एसपी मणिलाल से खतरा है लेकिन प्रदेश सरकार और पुलिस के उच्चाधिकारियों द्वारा इस गुहार को नकारा गया।

पुलिस अपराधी गठजोड़ और राजा साहब:

मृतक इन्द्रकांत के परिजनों ने एसपी मणिलाल पर जिले के नामी गिरामी हत्यारों और अपराधियों से मिले होने के आरोप लगाए। परिजनों ने कहा कि एसपी वीडियो के वायरल होने के बाद से ही इस प्रयास में थे कि किसी तरह इन्द्रकांत को शांत कराया जाए इसके लिए एसपी महोदय के इशारे पर जिले के नामी गिरामी बदमाश "आशु भदौरिया" से इन्द्रकांत के साले ब्रजेश शुक्ला को फोन कराकर धमकाया गया और कहा गया कि "राजा साहब" नाराज है। दरअसल एसपी मणिलाल पाटीदार खुद को जिले का राजा साहब कहा करते थे। उनके अनुसार जिले में उनकी मर्जी के बिना पत्ता नहीं हिल सकता।

मृतक के साथियों को पुलिस ने उठाया:

अगर मामले की तहकीकात की बात कहे तो पुलिस ने अपने विभाग के एसपी और धमकी देने वाले अपराधियों की तलाश के बजाय मृतक के साथियों और परिजनों पर ही शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। परिजनों ने आरोप लगाए की मृतक के अंतिम संस्कार होने के पहले ही पुलिस ने मृतक के परिजनों और उसके साथियों को उठाकर पूंछताछ करनी शुरू कर दी है। परिजनों के मुताबिक पुलिस हर हाल में हत्यारों और उनके राजा साहब अर्थात एसपी मणिलाल पाटीदार को बचाने पर तुली है।

स्थानीय मीडिया ने किया गुमराह:

इस हत्याकांड मामले में स्थानीय मीडिया ने भी कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। बीती दिवाली के दिन घर मे खेले गए जुएं को जुआँ खिलाने का अड्डा बताकर एसपी को बचाने और इन्द्रकांत को बदनाम करने की भरसक कोशिश की गई साथ ही लगातार मीडिया ट्रायल कराया गया और नतीजन एसपी जनता के सामने यह साबित करने की कोशिश में कुछ हद तक सफल भी हुए की इन्द्रकांत एक अपराधी है। जबकि असल कहानी के किरदार अलग ही थे।

मृतक इन्द्रकांत के बड़े भाई ने लगाए संगीन आरोप:

जो भी हो इस मामले को लेकर क्षेत्र में भारी आक्रोश फैला हुआ है, लोगों की मांग है कि इस मामले में सभी आरोपियों चाहे वह पुलिस से हो यह खुद जिलाधिकारी सभी के खिलाफ कड़ी जांच स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए और दोषियों को दंड दिया जाए। हालांकि इस हत्याकांड की पैरवी कर रहे परिजनों ने यह आशंका जताई है कि एसपी महोदय की आपराधिक साठगांठ होने की वजह से उन्हें खतरा महसूस हो रहा है अतः उनकी जान की हिफाजत की जाए।

मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार ने इसकी जांच के आईजी रेंज वाराणसी के नेतृत्व में एसआईटी का भी गठन कर दिया है और इसकी जाँच की जा रही है।

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उदय बुलेटिन
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