प्रयागराज के लोगों ने पुलिस को दिखाया उसका असली चेहरा
प्रयागराज के लोगों ने पुलिस को दिखाया उसका असली चेहरा|उदय बुलेटिन
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प्रयागराज के लोगों थानेदार को समझाया कि वास्तविक पुलिसिंग क्या होती है

प्रयागराज के लोगों ने पुलिस को दिखाया उसका असली चेहरा, थानेदार साहब मुँह छुपाते नजर आये, मामला प्रयागराज के करछना थाने का है

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

थाने जाकर अपनी समस्या बताना कितना जोखिम भरा काम है इसका अंदाजा हर यूपी के बाशिंदे को होगा, अगर आपने साहब की इच्छा अनुसार रिपोर्ट नहीं लिखाई तो हो सकता है कि साहब हनक में आकर आपको जेल की यात्रा करा दें अथवा मौका पड़ने पर थानेदार साहब आपके ऊपर लात घूंसों की बारिश भी कर सकते हैं। खैर यहां थोड़ी गनीमत रही चूंकि फरियादी वकील साहब थे उन्होंने पुलिस के सामने पुलिस की पोल खोलकर ही रख दी।

वाहन चोरी से जुड़ा है मामला:

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में थाना करछना में उस वक्त असमंजस की स्थिति हो गयी जब वाहन चोरी से त्रस्त आम नागरिक इस मामले की शिकायत लेकर थाना करछना पहुँचे और इलाके में हुई वाहन चोरियों के बारे में जानकारी और उस पर होने वाली कार्यवाही की स्थिति देखने थाने पहुँच गए लेकिन थानेदार साहब को इस बाबत गुस्सा आ गया और फरियादियों को अपने कमरे से बाहर निकलने का आदेश जारी कर दिया।

हालांकि बाहर निकलकर भी थानेदार साहब आम लोगों पर पुलिसिया हनक दिखाते हुए नजर आए, लेकिन जैसे ही थानेदार साहब ने देखा कि उनका वीडियो बन रहा है थानेदार साहब की भाषा शैली बदल गयी।

दरअसल करछना इलाके के लोग होने वाली मोटरसाइकिल चोरियों की वारदातों को लेकर थानेदार साहब के पास पहुँचे जहां पर चोरी गयी गाड़ियों की इन्क्वायरी करने पर थानेदार साहब को गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया, थानेदार साहब ने उन्हें कोरोना का बहाना बनाते हुए बाहर का रास्ता दिखाया और कहा कि कार्यवाही हो रही है जब मिलेगी तब बताया जाएगा, वो कोई सुपरमैन नहीं है, अगर गाड़ियां नही मिलती तो नहीं बताया जाएगा।

अधिवक्ता ने बताया की पुलिसिंग क्या होती है:

इस मामले में फरियादियों का नेतृत्व करछना निवासी एक अधिवक्ता ने किया और थानेदार साहब को वास्तविक पुलिसिंग का ज्ञान पढ़ाया, सवाल पूंछने पर जब थानेदार साहब ने यह कहा कि आप एक-एक कर के मिलिए तब वकील साहब ने बताया कि उनके द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग का बाकायदा पालन किया जा रहा है, लेकिन जब आम आदमी की आवाज ही नहीं सुनते हो, थानाध्यक्ष ने अपने वक्तव्य में जब यह कहा कि क्या आप इसे दबाव की तरह पेश कर रहे है तब अधिवक्ता द्वारा यह कहा गया कि हम सिर्फ आपके पास अपनी समस्या लेकर आये है, अब आप इसे दबाव की तरह ले या किसी अन्य तरह से ये आपके ऊपर निर्भर है ।

यही नहीं फरियादियों के आने का कारण भी थानेदार साहब को नौटंकी लगी, वीडियो में थानेदार साहब को साफ साफ नौटंकी कहते हुए सुना जा सकता है

थाने की पुलिस असल मे क्या करती है?

करछना थाने की पुलिस के ऊपर अधिवक्ता ने कई गंभीर आरोप लगाए, गाड़ियों की चोरी रोकने के मामले में अधिवक्ता ने थानेदार को आंकड़े दिए कि मात्र दो महीने में इलाके से करीब 11 गाड़ियां चोरी की गई जिनकी शिकायत थाने में दर्ज की गई है, जबकि पुलिस कान पर हाँथ रखे बैठी है। थानाध्यक्ष के कार्यवाही करने की बात पर अधिवक्ता ने बताया कि अब आप मेरा मुँह मत खुलवाईये क्योंकि मुझे पता है कि आपकी थाने की पुलिस असल मे किस काम मे व्यस्त रहती है, ट्रकों से पैसा उगाही, शराब के ठेकों से वसूली, भांग के ठेकों में गांजे की अवैध बिक्री की वजह से पैसे लूटने में व्यस्त रहती है। अधिवक्ता ने आरोप लगाए कि सेक्टर में लगातार अफीम, चरस और स्मैक इत्यादि बेची जाती है वह भी पुलिस के रहमो करम पर । आपकी पुलिस को इन कामों से छुटकारा मिल जाये तो पुलिस आम जनता की हिफाजत भी करे।

यहां आपको बताते चले कि उत्तर प्रदेश पुलिस पर लंबे वक्त से नशाखोरी को बढ़ावा देने और अवैध खनन में ट्रक निकासी इत्यादि के आरोप लगते रहे है , अन्यथा किसी की मजाल क्या की बिना पुलिस को भेंट चढ़ाए एक गाड़ी निकल जाए या एक पुड़िया नशे की बिक जाये।

मामले में थानाध्यक्ष साहब अपना मुंह चुराते हुए नजर आए।

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उदय बुलेटिन
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