उदय बुलेटिन
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किसानों की मांगे 
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देश

किसान मोर्चा: दिल्ली में देशभर के अन्नदाताओं का आंदोलन, पर्चे पर लिखी दिल की बात 

बीजेपी ने किसान संघों द्वारा लाए गए बिलों का समर्थन नहीं किया है, किसानों को कांग्रेस सहित अन्य 21 दलों का समर्थ प्राप्त, आप नेता अरविंद केजरीवाल आंदोलन में शामिल  

AKANKSHA MISHRA

AKANKSHA MISHRA

नई दिल्ली: केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ आज देश भर के किसानों ने अपनी आवाज बुलंद करते हुए जान आंदोलन का आवाह्न किया है। देश भर के कर्ज में डूबे लाखों- हजारों किसान कर्ज में राहत और उपज के उचित मूल्य समेत अपनी कई मांगों को केंद्र सरकार के खिलाफ राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में जुटने हो कर आंदोलन कर रहे हैं।

आज राजधानी दिल्ली में आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और अन्य राज्यों के किसान तीन बड़े रेलवे स्टेशनों आनंद विहार, निजामुद्दीन तथा सब्जीमंडी के बिजवासन से आएंगे और राष्ट्रीय राजधानी में चार अलग मार्गों पर मार्च करेंगे।

दो दिवसीय चल रहे किसान मुक्ति मार्च आंदोलन आज संसद की ओर बढ़ रहा है। किसानों ने केंद्र सरकार और प्रशासन को चेताते हुए कहा है कि अगर उन्हें संसद की ओर जाने से रोका तो फिर वे न्यूड प्रदर्शन करेंगे।

क्या है किसानों मांग

  1. उन्हें कर्ज से पूरी तरह मुक्ति दी जाए
  2. फसलों की लागत का डेढ़ गुना मुआवजा दिया जाये

सोशल मीडिया में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवार ने किसान मोर्चा से जुड़ा एक पर्चा शेयर किया है। जिसमें एक टेबल के माध्यम से बताया गया है कि सब्ज़ी और अन्य फसलों के बाज़ार मूल्य की अपेक्षा किसानों को कितने पैसे दिए जाते हैं , मिलने वाले दामों में कितना अंतर है। साथ ही इस पर्चे में लिखा है कि इस आंदोलन का उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं है, बल्कि हम क्या किसी को परेशान करेंगे हम तो खुद ही काफी परेशान हैं।

किसानों के इस आंदोलन को डाक्टर, वकील, पूर्व सैनिक, पेशेवर और छात्रों सहित समाज के तमाम वर्गों के लोगों का साथ मिला रहा है , लोग आंदोलन में बढ़ चढ़ क्र भाग ले रहे हैं। इतना ही नहीं, पूर्व पीएम एचडी देवगौड़ा ने भी अपपना समर्थऩ दिया है. पुलिस के मुताबिक, किसानों के मार्च को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।