kanpur police line barrack collapsed
kanpur police line barrack collapsed|Google Image
देश

कानपुर पुलिस लाइन की बैरक ढही, कई लोगों के दबे होने की आशंका

पुलिस महकमा पहले से ही पुलिसकर्मियों के रहन-सहन के लिए बदनाम रहा है। इस तरह के हादसे उन मामलों की पोल खोलते है जिनको नजरअंदाज किया जाता रहा है।

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बरसात के मौसम में पिछले कई दिनों से बैरक की छत टपक रही थी, जिसे अनदेखा करना प्रशासन को भारी पड़ा।

बैरक नंबर एक मे हुई दुर्घटना:

ज्ञात हो बीती सोमवार की रात कानपुर पुलिस लाइन में स्थापित पुलिस बैरक नंबर एक का जर्जर बरामदा जो अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा था ढह गया। हादसे में एक पुलिस कर्मी की मलबे में दबकर मौके पर ही मौत हो गयी जिसे अस्पताल द्वारा मृत करार दिया गया वहीँ इस हादसे में चार सिपाही घायल भी हुए हैं जिनमें दो पुलिसकर्मियों की हालत बेहद खराब बनी हुई है जिनका इलाज कानपुर के रीजेंसी हॉस्पिटल में चल रहा है।

दुर्घटना में घायल पुलिसकर्मी:

एक घायल सिपाही बिकरू कांड से संबंधित:

ज्ञात हो कि जिन दो सिपाहियों की स्थिति इस हादसे में चिंताजनक बनी हुई है उनमें से अमृत लाल नामक सिपाही इससे पहले चौबेपुर थाने में तैनात थे जिन्हें विकास दुबे कानपुर वाले प्रकरण में अनियमितता बरतने पर पुलिस लाइन में अटैच किया गया था।

बिल्डिंग को लेकर पहले ही हो चुकी थी शिकायत:

ज्ञात हो कि जिस बैरक में यह दुर्घटना हुई है उसका निर्माण आजादी के बिल्कुल एक साल बाद 1948 में कराया गया था। इस निर्माण में चार बैरक एक साथ बनाई गई थी। समुचित रखरखाव न होने की वजह से छत के चूने की शिकायतें आ रही थी जिसके बारे में उच्चाधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया था।(kanpur police line barrack collapsed) लेकिन अफसरों की हीलाहवाली की वजह से इस मामले में कोई तत्परता नहीं दिखाई गई, नतीजन यह दुर्घटना हो गयी।

हालांकि इस मामले में कोई भी बड़ा पुलिस अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहा है और इस मामले को दूसरों के कंधों पर डालने की कोशिश की जा रही है देखना यह है कि इस मामले में किसकी गर्दन नापी जाती है।

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उदय बुलेटिन
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