उदय बुलेटिन
www.udaybulletin.com
NDRF & KRCL Mock Drill
NDRF & KRCL Mock Drill|ANI Twitter
देश

NDRF और कोंकण रेलवे ने की संयुक्त मॉक एक्सरसाइज, आपदाओं के लिए हमेशा तैयार

समस्या और आपदा कभी बताकर नहीं आती, केवल एक चीज है बचाव और अगर आपदा हो भी जाये तो सबसे पहला कदम है राहत और बचाव, वो बचाव किस तरह का हो, यह मॉक ड्रिल यही निर्धारित करेगी

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

सरकारी अमलो में तालमेल न होने की वजह से किसी भी दुर्घटना और आपदा के बाद जिस तरह की समस्या खड़ी हो जाती है उसके तमाम उदाहरण हमारे और आपके जेहन में जिंदा है, भविष्य में ऐसी किसी भी आपदा से निबटने के लिए कोंकण रेलवे कारपोरेशन लिमिटेड ने एनडीआरएफ "नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स" के साथ एक बड़ा रिहर्सल करके दिखाया, ताकि किसी आपदा के समय राहत और बचाव कर्मी एक दूसरे के साथ तकनीक और मानसिक रूप से एक जुट रहे।

वेरना गुड्स यार्ड में हुई रिहर्सल :

इस रिहर्सल को ट्रेन में होने वाली संभावित दुर्घटनाओं की थीम पर रखा गया था, ट्रेन के डीरेल होने , बोगी के पलटने आग लगने जैसी घटनाओं पर राहत और बचाव का काम कैसे किया जाएगा इस बात पर बेहद जोर दिया गया।

एनडीआरफ और रेलवे के राहत और बचाव दल ने लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देकर दुर्घटना के तुरंत बाद उन्हें सुरक्षित निकालने , प्राथमिक चिकित्सा इत्यादि उपलब्ध कराने की मॉक रिहर्सल की।

तालमेल का न होना, होता है दुर्घटना से ज्यादा कष्टकारी :

कभी-कभी दुर्घटना जितनी तकलीफ देह नहीं होती उससे कहीं ज्यादा दो एजेंसियों के बीच का कम्युनिकेशन गैप ज्यादा तकलीफ देह हो जाता है, 26/11 की घटना इस मामले का बेहतर उदाहरण है, एनएसजी और मुम्बई पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के बीच सही तालमेल न होने के कारण इस ऑपरेशन में ज्यादा समय लगा यहाँ तक कि एनएसजी एक लंबे समय तक दिल्ली एयरपोर्ट पर साधन के आभाव में खाली बैठी रही।

इस तरह की इंटर एजेंसी मॉक ड्रिल कहीं न कहीं भविष्य की संभावित घटनाओं के लिए पहले से तैयार रखती है।