indian army soldier sit on the strike in amethi uttar pradesh
indian army soldier sit on the strike in amethi uttar pradesh|Uday Bulletin
देश

सेना के जवान को खुद की जमीन बचाने के लिए देना पड़ रहा है धरना, एससी-एसटी समुदाय के लोगों ने किया जमीन पर कब्जा

देश की एक-एक इंच जमीन बचाने वाला सैनिक अपना घर नहीं बचा पा रहा, इंसाफ न मिलने पर धरना देने को मजबूर

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

एक सैनिक माइनस से भी नीचे के तापमान में रहकर अपनी जान की परवाह किये बिना देश की एक-एक इंच जमीन की हिफाजत करता है लेकिन जब उसी सैनिक के परिवार की जमीन पर ही संकट आ जाये तो बड़ी शर्मिंदगी महसूस होती है, एक फौजी का सड़क पर बैठकर रोना तकलीफ दे जाता है।

पिछले दिनों अमेठी एसडीएम दफ्तर के सामने भारतीय सेना के एक सैनिक को बर्दी में बीवी बच्चे के साथ देखा गया, जानकारी करने पर पता चला कि उक्त सैनिक का नाम ब्रजेश दुबे है और संग्रामपुर थाना के अंतर्गत कोलूपुर तनु जिला अमेठी का निवासी है और वर्तमान में 40 राष्ट्रीय रायफल जम्मू कश्मीर के बेहद संवेदनशील सेक्टर में तैनात है। पूँछने पर फौजी ब्रजेश ने बताया कि वह अपनी जमीन पर हुए कब्जे को हटाने की मांग के लिए एसडीएम ऑफिस आया हुआ है। सैनिक ब्रजेश दुबे ने बताया कि उसने करीब साल डेढ़ साल पहले एक जमीन का बैनामा कराया था जिसपर सैनिक ने एक अस्थायी छप्पर डाल रखा था लेकिन गांव के ही कुछ समाज विशेष के लोग (एससी-एसटी ) के लोग सुरेंद्र, राम बहादुर, मथुरा, सजीवन, तुलसीराम और उनके घर की महिलाओं और बच्चों ने हमारे घर पर कब्जा कर लिया है। मुझे और मेरी पत्नी और बच्चे को उक्त जमीन पर जाने से रोका जा रहा है और जाने पर जान से मारने धमकी दी जा रही है।

इस मामले पर जब उक्त फौजी से यह जानकारी मांगी गई कि क्या आपने इस मामले को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों से बात की तो लांस नायक ब्रजेश दुबे ने बताया कि मैं इस जमीन के सिलसिले में अमेठी जिलाधिकारी के पास तीन बार और थाना प्रभारी के साथ-साथ पुलिस विभाग के सर्किल ऑफिसर के पास जा चुका हूँ। पुलिस विभाग इस मामले को राजस्व का बताकर राजस्व विभाग के पास जाने की बात कह रहा है वहीँ डीएम व एसडीएम के पास जाने पर सिविल वाद दायर करने की बात कही जा रही हैं।

फौजी का दर्द:

लांस नायक ब्रजेश दुबे ने मीडिया के सामने अपनी बात रखते हुए बताया कि वह जम्मू कश्मीर की उस पोस्ट में तैनात है जहाँ से पाकिस्तान का बोर्डर मात्र 500-700 मीटर की दूरी पर है जहां पर हम अपनी जान की परवाह न करते हुए देश की सेवा पर तत्पर है लेकिन जब उनकी हिफाजत देश की सरकार और जिम्मेदार अधिकारी नहीं कर पा रहे तो उनके पास कोई रास्ता नहीं बचता। इतना कहते हुए ब्रजेश दुबे रोते हुए नजर आते है।

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Posted by Mishra Sangam on Saturday, June 20, 2020

ब्रजेश दुबे के अनुसार उसे सेना के द्वारा एक निश्चित समय के लिए छुट्टियां मिलती है ऐसे वक्त में वह कोर्ट कचहरी के चक्कर कैसे और कब काट सकता है?

मामले की संजीदगी और देश के एक सिपाही का रोना बेहद तकलीफ देता है।

ताजा जानकारी के अनुसार सोशल मीडिया में मामला आने पर प्रसाशन ने इस मामले पर कार्यवाही की हैं और फौजी को उसकी जमीन दिला दी गयी है।

#मुख्यमंत्री के निर्देश पर #अमेठी में फौजी की जमीन के कब्जे के मामले में #खबर चलने के बाद #प्रशासन ने की कार्रवाई, ज़मीन...

Posted by Mishra Sangam on Saturday, June 20, 2020

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