Iffco performance
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इफको ने कायम किये नए रिकार्ड, उत्पादन, बिक्री लाभ और प्रचालन में रहा अव्वल

इफको वह सहकारी संस्था है जो केवल भारत मे ही नहीं बल्कि समूचे विश्व मे उर्वरक निर्माण में अग्रणी है। इफको देश के किसानों की एक सहकारी उपक्रम है जो लगातार नए मापदंड स्थापित करता हुआ चला जा रहा है

Uday Bulletin

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लोकल फ़ॉर वोकल की सच्ची मिसाल:

देश के किसानों की सहकारी संस्था इफको ने प्रधानमंत्री मोदी के कथन वोकल फ़ॉर लोकल एवं आत्मनिर्भर की बात को चरितार्थ करते हुए उर्वरक निमार्ण और बिक्री में वैश्विक स्तर पर नए आयाम स्थापित किए हैं जिनकी चर्चा आज हर क्षेत्र में उदाहरण के तौर पर की जा रही है।

विश्व की सबसे बड़ी उर्वरक निर्माता सहकारी समिति IFFCO (Indian Farmers Fertiliser Cooperative) ने वित्तीय वर्ष 2019- 20 के अंतर्गत ही अब तक के सबसे बड़े रिकार्ड कायम किये एक ओऱ जहाँ कोरोना महामारी के बीच वैश्विक स्तर पर आर्थिक तंगी आने की वजह से संस्थाओं को भारी नुकसान हुआ है वहीँ इसी दौरान इफको ने उत्पादन और बिक्री के साथ-साथ लाभ में अभूतपूर्व तेजी प्राप्त की है वहीँ परिचालन में इफको ने अपने बनाये रिकार्ड भी ध्वस्त कर दिए।

पिछले वर्ष के आधार पर तुलनात्मक अध्ययन:

  • 2018 - 2019 में उत्पादन : 81.49 लाख टन

  • 2019 -2020 में उत्पादन : 91.42 लाख टन

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बिक्री:

बिक्री के लिहाज से इफको ने पिछले वित्त वर्ष में 133 लाख टन के सभी उर्वरकों की बिक्री की जो अपने आप मे एक रिकॉर्ड है। वहीँ 2018-19 में यह आंकड़ा 115.56 लाख टन तक ही सीमित था। सनद रहे कि बिक्री में यूरिया, डीएपी / एनपीके इत्यादि शामिल थे।

प्रचालन:

प्रचालन की नजर से अगर देखा जाए तो इफको ने प्रचालन के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। इफको ने पिछले वित्त वर्ष 2018-19 की तुलना में 81.49 लाख टन से आगे बढ़कर इस वित्त वर्ष में 91.42 लाख टन तक पहुँचाया जो अपने आप मे एक रिकॉर्ड है।

शुद्ध लाभ:

शुद्ध लाभ की नजर से देखा जाए तो सहकारी समिति का इतने बड़े स्तर पर शुद्ध लाभ कमाना प्रेरणादायक बन जाता है। अगर इफको के पिछले वित्त वर्ष का शुद्ध लाभ या निवल लाभ देखा जाए तो यह 1005 करोड़ तक पहुंचता है। याद रहे कि यह लाभ उस वक्त अर्जित किया गया है जबकि बाजार में अनिश्चितता का दौर अपने चरम पर है और वैश्विक स्थिति हर प्रकार से प्रतिकूल है।

किन-किन क्षेत्रों से कमाई करती हैं इफको:

यहां आपको बताते चले कि यह मुनाफा इफको ने केवल उर्वरकों के उत्पादन और बिक्री से ही नहीं कमाया है बल्कि इसमें जनरल इंश्योरेंस (इफको टोकियो) ग्रामीण खुदरा व्यापार, एग्रीकल्चर फॉरेस्ट्री, रूरल कमन्यूकेशन ( ग्रामीण दूरसंचार) कृषि रासायन (जिसमे कीटनाशक इत्यादि शामिल है) ग्रामीण क्षेत्रों में वित्त वितरण, वस्तु परिचालन, स्पेशल इकोनॉमिक जोन में भी अपनी दक्षता दिखाकर लाभ अर्जित किया है।शायद यही कारण है कि व्यापारिक और राजनैतिक मामलों में अपनी रुचि रखने वाली पत्रिका फेम ने इफको के तत्कालीन प्रबंध निदेशक डाक्टर उदयशंकर अवस्थी को देश के 50 प्रभावशाली लोगों की लिस्ट में 40 वॉ स्थान दिया है।

क्या कहते हैं प्रबंध निदेशक:

इफको के द्वारा बड़ी कामयाबी अर्जित करने के बाद इफको के मैनेजिंग डायरेक्टर डाक्टर उदय शंकर अवस्थी ने इफको के कार्य पर खुशी जताई और भविष्य में और अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रतिबद्धता जाहिर की। श्री अवस्थी ने कहा कि हम भारत के यसस्वी प्रधानमंत्री मोदी के महत्वाकांक्षी स्वप्न जिसमें 2022 तक भारत के किसानों की आय को दोगुना करने का वचन लिया गया है उसे साकार करने के लिए न सिर्फ प्रतिबद्ध है बल्कि उस मार्ग पर संफलता पूर्वक अग्रसर है। इफको के प्रबंध निदेशक ने यह भी विश्वास दिलाया कि वह कोरोना जैसी भीषण महामारी के समय कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हुए है ताकि अगर हमारे देश का किसान स्वस्थ्य रहेगा तभी अच्छा उत्पादन संभव है।

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