DM Banda Heeralal New Year Celebration
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देश

बाँदा में नया साल कैसा रहा, कुछ झलकियां !

जिलाधिकारी हीरालाल ने मनाया अनोखे तरीके से नया साल।

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

Summary

नया साल बिल्कुल पुराने जैसा ही रहा, उन्नीस बीस का अंतर भले ही आ गया हो, वैसे ही अवैध रेत खनन हुआ, तेज रफ्तार वाहन सडकों पर जानवरों और इंसानों को रौंदते नजर आए और जिलाधिकारी साहब ने रात को 12 बजे ठिठुरते हुए लोगों से जल आरती करवा डाली।

आधी रात को जल आरती :

केन जल आरती तो डीएम साहब हर हफ्ते करवाते आ रहे है एक ओर जहां उत्तर भारत शीतलहर से ठिठुर रहा था, जिलाधिकारी साहब के मन मे नए तरीके से नया वर्ष मनाने की सूझी तो उन्होंने 31 दिसंबर की रात 11:45 पर सबको केन की तलहटी में उपस्थित रहने का आदेश सुनाया और आखिरकार मन मारकर सरकारी कर्मचारी और कुछ गणमान्य और गैर गणमान्य लोग सर्द हवाओं के बीच रजाइयों से निकल कर केन पहुँच गए। हालाँकि सर्दी से बचने के लिए जिलाधिकारी साहब ने नगर पालिका को अलाव जलाने के आदेश दिए थे लेकिन 5 डिग्री के टेम्परेचर में भला खुली हवा की आग क्या करेगी, खैर रात के मध्य केन जल आरती हुई और नया साल मनाया गया।

संकट मोचन मंदिर के बाद गुरुद्वारे में पौधा प्रसाद :

जिलाधिकारी हीरालाल ने संकट मोचन मंदिर में प्रसाद वितरण की व्यवस्था के जैसा शुभारंभ गुरुद्वारे में भी किया। खुद जिलाधिकारी गुरुद्वारे पर पौधा वितरित करते नजर आए।

बाँदा मंडल जेल में कैदियों की साक्षरता पर दिया गया बल :

जेल प्रशासन ने उच्चाधिकारियों की पहल पर कैदियों की साक्षरता जिसमे विधिक ज्ञान भी शामिल है उसे बढ़ाने पर जोर दिया। नए वर्ष के उपलक्ष्य पर प्रसाशन ने बताया कि लोग कभी-कभी अशिक्षा की वजह से अपराधों की तरफ ज्यादा आकर्षित होते है। इस लिए जेल प्रशासन यह देख रहा है कि जिस बंदी (कैदी) को अगर विधिवत शिक्षा प्राप्त करनी है तो उसे वह अवसर दिया जाए ताकि वह सजा प्राप्त करने के बाद अपना जीवन एक जिम्मेदार नागरिक की तरह जी सकें। नए वर्ष के अवसर पर कैदियों द्वारा जेल के अंदर ही अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये गए जिसमें गायन, वादन, और नाट्य मंचन शामिल रहा।

कनवारा में नदी के बीच चिग्घाड़ती रही पोकलैंड :

अदालत के नियमों की धज्जियां कैसे उड़ाई जाती है इसका ताजा नमूना बाँदा शहर के नजदीक कनवारा गांव में देखने को मिला। यहाँ बहती केन की धार के बीच बालू माफियाओं की हैवी मशीनें दिन-रात अवैध रेत खनन में मस्त है और सरकार के साथ प्रशासन मूक बना बैठा नजर आ रहा है।

भले ही पारा 2 डिग्री के नीचे जाए लेकिन किसान ठंड में ही रहेगा :

एक ओर जहां पूरा देश नए वर्ष का जश्न बराबर मनाने पर तुला हुआ है वही बुंदेलखंड के किसान अन्ना (आवारा) पशुओं से फसलों की रक्षा के लिए रात-रात भर ठंड में सिकुड़ कर फसल की रखवाली में जुटा हुआ है। यहाँ ये गौर करने वाली बात यह है कि सरकार और जिलाधिकारियों ने यह आदेश निर्गत किये हैं की अगर किसी गांव में अन्ना पशु पाए जाएंगे तो ग्राम प्रधान पर कार्यवाही होगी। क्योंकि सरकार द्वारा अन्ना पशु रोकथाम के लिए धन पहले ही निर्गत हो चुका है और जानवरों के लिए आश्रय बनाने के निर्देश दिए गए थे लेकिन अधिकारियों की मिलीभगत से प्रधान और अन्य अधिकारियों द्वारा इस धन का बंदरबांट हो चुका है। मध्यप्रदेश के सीमावर्ती गांव लोहरा में करीब आधा सैकड़ा किसान शाम ढलते ही अपने खेतों की तरफ रुख करता है ताकि फसल बचाई जा सके।

छुब्ध होकर युवक ने केन नदी के पुल से कूदकर की आत्महत्या :

नए वर्ष के दूसरे दिन ही एक युवक ने केन नदी के पुल से कूदकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली, पुलिस ने पंचनामा कराकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है हालाँकि अभी तक मृतक की पहचान नहीं हो सकी है।

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