उदय बुलेटिन
www.udaybulletin.com
 राजकीय महिला महाविद्यालय
राजकीय महिला महाविद्यालय|Uday Bulletin
देश

महिला महाविद्यालय में हुआ हिंदी दिवस का कार्यक्रम, शालिनी तिवारी ने जीता प्रथम पुरस्कार !

“हिंदी नई पीढ़ी की पसंदीदा भाषा पर अभी भी कायम है, ये शुभ संकेत है”

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

Summary

बाँदा के राजकीय महिला महाविद्यालय में हिंदी दिवस को विधिवत और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया जिसमें छात्राओं ने सभी महान कवियों की कृतियों को अपने कंठ से उच्चारित कर हिंदी का मान बढ़ाया, इस मौके पर जिले के गणमान्य और महाविद्यालय प्रशासन मौजूद रहा।

विद्यालय की ही छात्रा शालिनी तिवारी ने अपनी ओजपूर्ण वाणी में दुर्योधन और कृष्ण के बीच हुए संवाद को महान कवि रामधारी सिंह दिनकर की कालजयी रचना , रश्मिरथी को अपना स्वर देकर सभी छात्राओं और अतिथियों को सुनाया , सभी श्रोतागण इस कविता पाठ पर वाह-वाह कर उठे, इसी कविता पाठ पर शालिनी तिवारी को महाविद्यालय में प्रथम स्थान एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया, इस पुरुस्कार को पूर्णतया श्रोताओं के विवेक पर निर्भर किया गया था , और श्रोताओं के मत के आधार पर यह निर्णय हुआ , शालिनी को यह पुरुष्कार 80 प्रतिशत के प्राप्त मतों के आधार पर दिया गया।

मौके पर हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ शशि भूषण ने भी संबोधित किया, उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि " विश्व मे हिंदी मात्र ही ऐसी भाषा है जो बिना किसी भाषा को क्षति पहुंचाए हुए दूसरी भाषा के शब्दों को भी समाहित करके अनवरत चलती रहती है, यही कारण है कि हिंदी का भविष्य बेहद उज्ज्वल है, हिंदी केवल भाषा तक ही सीमित नही है, बल्कि ये भारतीय अस्मिता की भी परिचायक है।

कार्यक्रम मूलतः हिंदी के बेटो और बेटियों पर केंद्रित रहा, छात्राओं ने अपने नाट्यमंचन के माध्यम से मुंसी प्रेमचंद्र के द्वारा लिखे गए लघु नाटकों को मंच पर उतारा, भारतेंदु हरिश्चंद्र की रचनाओं को भी सभी श्रोताओं ने सराहा,सरोजिनी नायडू और अन्य महान कवि और कवियत्रियों के साहित्य जीवन को मंच पर जीवंत किया गया, बुंदेलखंड में साहित्य का पल्लवन होना इस बात का संकेत है कि महान कवि और रामकथा को आमजन तक सहज भाव मे रसास्वादन कराने वाले गोस्वामी तुलसीदास जी का साहित्यिक श्रम बेकार नही गया

मौके ओर उपस्थित गणमान्य लोगों ने भी हिंदी के सम्मान में अपने वक्तव्य प्रस्तुत किये और हिंदी के भविष्य के लिए प्रतिबद्धता सुनिश्चित की