लखनऊ का विभूति खंड गोलियों की आवाज से गूंजा, पूर्व ब्लाक प्रमुख को गोलियों से भूना

लखनऊ शहर के विभूतिखंड स्थित कठौता चौराहे पर बुधवार रात गैंगवार में मऊ के मोहम्मदाबाद गोहना के पूर्व ब्लॉक प्रमुख अजीत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
लखनऊ का विभूति खंड गोलियों की आवाज से गूंजा, पूर्व ब्लाक प्रमुख को गोलियों से भूना
गैंगवार में मऊ के मोहम्मदाबाद गोहना के पूर्व ब्लॉक प्रमुख अजीत सिंह की गोली मारकर हत्याGoogle Image

इस घटना से लखनऊ के हालात सबके सामने आ रहे हैं, भला प्रदेश की राजधानी में बिना ख़ौफ़ के गैंगवार हो जाती है और 25-30 राउंड फायरिंग हो जाती है। हमले में पूर्व ब्लाक प्रमुख की मौत हो चुकी है और उसका एक साथी गोली से घायल हुए है। इस मामले में एक ऑनलाइन फ़ूड डिलीवर करने वाला (नाम आकाश) भी घायल बताया जा रहा है।

देर शाम गोलियों से गूंजा लखनऊ:

देर शाम लखनऊ के विभूति खंड थाना क्षेत्र के कठौता एरिया में अचानक से गोलियों की तड़तड़ाहट सुनाई देने लगी। गोलियों की आवाज शांत होने पर स्थानीय लोगों ने जानकारी प्राप्त की तो पता चला कि मऊ के पूर्व ब्लाक प्रमुख अजीत सिंह उर्फ अजीत लंगड़ा की गोली बारी के दौरान मौत हो चुकी है और उसका सहयोगी मोहर सिंह गोलीबारी में घायल हो गया है। इस दौरान फ़ूड डिलेवरी करके जाते हुए जोमैटो के कर्मचारी आकाश को भी पैर में।गोली लगी है, तीन जानकारी के मुताबिक तीन हमलावरों ने .32 बोर और 9 एमएम की पिस्टल से ताबड़तोड़ गोलियां चलाई थी।

जिलाबदर अपराधी है मृतक:

पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर ने इस मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि यह एक गैंगवार है शंका यह है कि दोनों तरफ से गोलीबारी की गई है, मृतक व्यक्ति के बारे में पहले यह जानकारी दी गयी कि उक्त व्यक्ति ब्लाक प्रमुख है लेकिन वर्तमान में मऊ (मोहम्मदाबाद-गोहना) क्षेत्र में कोई महिला ब्लाक प्रमुख है (हालांकि अभी यह तथ्य भी प्रकाश में आया है कि उक्त महिला अजीत सिंह की पत्नी है। लेकिन इस बारे में कोई पुष्टि नही प्राप्त हुई है) मृतक के ऊपर करीब 12 से ऊपर मुकदमे दर्ज है, हाल में ही मृतक अजीत सिंह को जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जिला बदर अपराधी घोषित किया गया था, मृतक अजीत सिंह को पूर्वांचल के बाहुबली मुख्तार अंसारी का बेहद करीबी भी बताया जा रहा है।

हत्या का कारण ज्ञात नही:

इस मामले में स्थानीय पुलिस और पुलिस कमिश्नर द्वारा हत्या के मोटिव के बारे में जानकारी नही उपलब्ध कराई गई है, कथित तौर पर मृतक अजीत 2013 में हुए विधायक हत्याकांड के गवाह है, संभव है इस मामले मे गैंगवार हुआ हो। हालाँकि पुलिस ने साफ किया है कि वह बिना किसी पुख्ता जानकारी के कनक्लूजन पर नही पहुँचाना चाहते। मृतक का सहयोगी मोहर सिंह खतरे से बाहर है, और उसके बयानों के आधार पर मामला साफ हो जाएगा। गोलीकांड पर परतें खोलने के लिए पुलिस सीसीटीवी भी खंगाल रही है।

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उदय बुलेटिन
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