Electricity crisis in Banda
Electricity crisis in Banda |Uday Bulletin
देश

मटौन्ध ग्रामीण क्षेत्र में बिजली विभाग की मनमानी, बरसात के नाम पर भीषण कटौती

बिजली विभाग ने बाँदा के ग्रामीण क्षेत्र में बिजली देने का निजी नियम बना रखा है कि अगर हल्की बारिश भी हुई तो फाल्ट के नाम पर बिजली नहीं दी जाएगी, ग्रामीणों का विभाग पर लगातार गुस्सा भड़क रहा है।

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

पेड़ पौधों की वजह से नहीं मिलती लाइट:

हालाँकि दक्षिणाचल विद्युत वितरण खंड निगम लिमिटेड द्वारा हर बार लाइन के रास्ते में आने वाले वाले पेड़ पौधों की कटाई छटाई के नाम पर हज़ारों रुपये डकार लिए जाते है लेकिन इससे जुड़ा हुआ कोई काम धरातल पर नजर नहीं आता। यही कारण है कि हल्की बारिश होने के बाद 12-12 घंटे लोगों को बिजली से दूर रखा जाता है। अगर कोई उपभोक्ता इस बारे में विभाग से जानकारी ले तो रटा रटाया जवाब मिलता है कि लाइन में बार-बार फाल्ट आ रहा है जिसकी वजह से सप्लाई नहीं मिल पा रही।

उपभोक्ताओं को मिलता है ज्ञान लाइन की सफाई करें:

इस बारे में जब उपभोक्ताओं द्वारा विभाग में शिकायत की जाती है तो विभाग अपनी जिम्मेदारी लाइन को सही रखने की बजाय ग्रामीणों से मदद की दरकार लगाता है। जिसके तहत ग्रामीणों से यह कहा जाता है वह लाइनमैनों के साथ जाकर हाईटेंशन लाइनों के सम्पर्क में आने वाले पेड़ पौधों की कटाई छटाई करें, हालाँकि यह कितना जायज और ठीक है इसके बारे में विभाग खुद ही बता सकता है।

मटौन्ध ग्रामीण में समस्या है आम:

अगर मामले की तह से जांच करे तो जेई भूरागढ़ ( बाँदा औद्योगिक क्षेत्र सब पावर स्टेशन) की लापरवाही और हीलाहवाली की वजह से लोगों को लगातार समस्याओं से दो चार होना पड़ता है। दरअसल इस बाबत जेई महोदय द्वारा उपभोक्ताओं से बदतमीजी की जाती है। इस पर कई बार विभागीय शिकायत भी की गई लेकिन विभाग में मजबूत पकड़ होने की बदौलत जेई रजनीश कई बार साफ-साफ बच जाते हैं।

इस मामले में उदय बुलेटिन द्वारा पूर्व में भी विभाग को अवगत कराया गया था लेकिन जिम्मेदार लोगों पर कार्यवाही करने की बजाय उपभोक्ताओं से ही बदतमीजी करने पर आमादा है।

उदय बुलेटिन के साथ फेसबुक और ट्विटर जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।

उदय बुलेटिन
www.udaybulletin.com