dakshinanchal vidyut vitran nigam limited
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देश

विभाग ने स्वीकार किया कि बिजली आपूर्ति में बाधाएं रही, उपभोक्ता परेशान रहे

बिजली की आंखमिचौनी से उपभोक्ता परेशान, दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम ने गलती स्वीकारी

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

दक्षिणाचल विद्युत वितरण निगम लिमिएड के द्वारा बांदा समेत पूरे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की जाती है। इसी बीच बढ़ती गर्मियों में पुराने जर्जर तारों और विभागीय लापरवाही के कारण बिजली ट्रिपिंग होना बेहद आम है। हालात यह है कि अगर आप विभाग में बात करने का प्रयास करते है तो विभागीय लोगों का रवैया बेहद तानाशाही नजर आता है।

शहर में बिजली सुचारू करने का वादा:

बांदा सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी की पहल पर दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड ने शहर में बाधित हो रही बिजली आपूर्ति के बारे में एक अधिसूचना जारी की है जिसमें जिला मुख्य अभियंता केके भराद्वाज ने यह स्वीकार किया है कि विगत दिनों में बिजली आपूर्ति बेहद खराब रही है इसके सुधार करने के आपातकालीन उपाय किये जा रहे है।

सुधार के क्रम में मुख्य अभियंता के के भराद्वाज ने निम्न जानकारी सूचना पत्र में उपलब्ध कराई है

सूचना
सूचना दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम
  • पीलीकोठी फीडर को मेडिकल कालेज फीडर से स्थायी रूप से जोड़ा जा रहा है जिससे पीली कोठी फीडर में ट्रिपिंग कम हो जाएगी इसके फलस्वरूप इसके क्षेत्र में आने वाले इलाकों को छोटे-मोटे फाल्ट को छोड़कर सुचारू रूप से आपूर्ति मिल सकेगी।

  • गिरवा और खुरहंड फीडर को अलग किया जाएगा जिससे एक फीडर में गड़बड़ी होने पर दूसरे को समस्या नहीं होगी और ग्रामीण क्षेत्रों को निर्बाध आपूर्ति मिलेगी।

  • नवाब टैंक फीडर की अधिभारित कम की जायेगी तथा 4 ट्रांसफॉर्मर काटकर पेयजल फीडर में डाले गए जायेंगे।

  • शहर के डीएम कालोनी में केबिल को दुरुस्त कराया जाएगा जिससे लोगो को बिना फाल्ट के आपूर्ति होती रहे।

  • भूरागढ़ के 33 केवीए उपकेंद्र पर एक 33 केवीए का ब्रेकर स्थापित किया जाएगा जिससे ग्रामीण क्षेत्र जल संस्थान और औद्योगिक क्षेत्र को निर्बाध बिजली मिल सके साथ ही विभाग ने वायदा किया है कि बढ़ती गर्मी के हालात को देखते हुए ग्रामीण क्षेत्र में बिना रोस्टिंग के बिजली उपलब्ध कराई जाएगी।

हालांकि अगर मुख्य अभियंता की बातों को माने तो बिजली विभाग में आई हुई कमियों को स्वीकार करके सुधार की गुंजाइश लाने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन निचले स्तर के अधिकारी जैसे जेई भूरागढ़ उपकेंद्र के द्वारा निजी लाभ कमाने के चक्कर मे रात में ग्रामीण इलाके की बिजली काट कर वाटर आरओ प्लांट जैसी जगहों के लिए बिजली सप्लाई की जाती है, लोगों के आरोप है कि जेई अपनी सनक के आगे किसी की भी नही सुनते। खुद उदय बुलेटिन ने जब जेई महोदय से बात करने का प्रयास किया तो उन्होंने सुबह बात करने की बात कहकर फोन काट दिया। विभाग में शिकायत करने और जांच कराए जाने की बात कही जा रही है लेकिन अभी तक कोई सार्थक कदम नहीं उठाये गए है।

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उदय बुलेटिन
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