उदय बुलेटिन
www.udaybulletin.com
Siyaram Nishad Murder-Banda UP
Siyaram Nishad Murder-Banda UP|Local Sources
देश

ढाबे के बावर्ची की लोहे के रॉड से पीटकर हत्या, कारनामा छुपाने के लिए शव को दो हिस्सों में बांटा

गरीब को बफादारी के बदले मिली मौत। 

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

Summary

वफादारी का सिला मौत के अंजाम तक ले गया, जिस व्यक्ति ने लंबे समय तक अपने मालिक की वफादारी की और अपने जीवन के तीन साल बिना किसी मेहनताने के मालिक के सुपुर्द किये वही मालिक पैसे मांगने पर जल्लाद बन बैठा।

मामला बाँदा जिले के मटौन्ध थाने अंतर्गत ग्राम मटौन्ध के पहले खैराडा स्थित बाँदा महोबा हाइवे का है जहाँ त्योहार के मौके पर ढाबे में खाना बनाने वाले कर्मचारी की हत्या खुद मालिक ने पीट-पीट कर दी, यहाँ तक कि हत्या को गुमनामी का नाम दिया जाए इसके लिए शव को दो भागों में बांट कर बाँदा शहर के मुक्तिधाम में जाकर शव को जलाने का प्रयास किया हालाँकि मुक्तिधाम बाँदा के गार्ड की मुस्तैदी से यूपी पुलिस के 100 नम्बर को डायल करके पुलिस को खबर पहुंचा दी गयी और आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया, और पूंछतांछ शुरू कर दी है।

मामला पैसे मांगने के विवाद से जुड़ा हुआ है ज्ञात हो कि खैराडा स्थित एक ढाबे में दरदा गांव निवासी राकेश उर्फ खिलाड़ी पुत्र सियाराम निषाद उम्र करीब 40 साल पिछले तीन सालों से ढाबे में रहकर खाना बनाने का काम करता था और मालिक से इस बात पर सहमति थी कि आप मुझे केवल खाना और थोड़ा बहुत खर्चा दिया करिये, क्योंकि मुझे कुछ समय बात अपनी बेटियों को शादी करनी है सो आप मुझे मेहनताना एकमुश्त दे देना।

जब दिवाली के त्योहार पर घर जाने के लिए जमा पैसे में से कुछ रकम मांगी तो ढाबे मालिक ने शराब के नशे में मारपीट कर दी, लोहे की रॉड से राकेश को मरने तक पीटा गया।

मारने के बाद आरोपियों ने मृतक के भाई को नशे की हालत में फोन करके बताया कि आपके भाई की अज्ञात कारण से मौत हो चुकी है और मौके पर पहुँच कर भाई की लाश को ले जाओ, उसके बाद आरोपियों ने हत्या की सजा को समझ कर लाश को ठिकाने लगाने की सोची और शव को काटकर बोरे में भरकर बाँदा शहर स्थित शवदाहगृह (मुक्तिधाम) में जलाने की कोशिश की, आरोपियों ने शवदाहगृह के गार्ड से नोकझोंक की तब गार्ड ने पुलिस को सूचना दी।

पुलिस ने मौके पर जाकर लाश का पंचनामा करके पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और बचे हुए आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। 

परिवार को दूध बेचने वाले ने बताया कि शव कहाँ है ?

दरअसल बाँदा का शवदाहगृह दरदा-कनवारा के रास्ते पर ही है, वहीँ से शहर में दूध बेचने जा रहे दुदाहे ने मृतक के परिवार को घटना की पुख्ता जानकारी दी और बताया कि हत्यारोपी शव को जलाने की जुगत में है। गौरतलब हो कि मृतक अपने पीछे तीन बेटियां लक्ष्मी, उर्मिला और ज्योति को छोड़ गया है, इनके भविष्य को लेकर पत्नी देवकली समेत अन्य परिवारीजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।