सामने आया उत्तर प्रदेश पुलिस का जालिम रवैया, मतगणना कर्मी के तोड़े हाँथ पैर

मतगणना केंद्र से खाना लेने जा रहे मतगणना कर्मी को पुलिस ने पीट-पीटकर किया अधमरा, मामला उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले का है
सामने आया उत्तर प्रदेश पुलिस का जालिम रवैया, मतगणना कर्मी के तोड़े हाँथ पैर
उत्तर प्रदेश पुलिस का जालिम रवैया, मतगणना कर्मी के तोड़े हाँथ पैर (प्रतीकात्मक चित्र)File Photo

एक ओर जहां उत्तर प्रदेश के शिक्षक अपनी जान को हथेली पर लेकर पंचायत चुनाव में अपनी सेवाएं दे रहे है, वहीँ उत्तर प्रदेश पुलिस के पुलिसकर्मी अपने मानसिक दबाव को सहयोग करने वाले लोगों पर ही उतार रहे है और यह गुस्सा अब जानलेवा भी साबित हो रहा है। उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से एक ऐसी ही खबर सामने आई है।

खाना लेने निकले मतदान कर्मी को दरोगा जी ने तोड़ दिया:

मामला उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से जुड़ा हुआ है जहां पर मतगणना कराने गए एक मतगणना कर्मी (शिक्षक) के साथ उत्तर प्रदेश पुलिस के दरोगा और उसके पुलिसकर्मियों द्वारा अमानवीय व्यवहार करने का मामला संज्ञान में आया है। शिक्षक द्वारा जिले के मुख्य विकास अधिकारी (देवरिया) को दिए गए एक शिकायती पत्र में पीड़ित शिक्षक आशीष कुमार यादव ने अवगत कराया है कि पीड़ित वर्तमान समय मे ब्लाक बनकटा अंतर्गत सरकारी विद्यालय में सहायक अध्यापक के तौर पर तैनात है। वर्तमान समय मे उसकी ड्यूटी प्रशासन द्वारा पथर देवा में लगाई गई थी। जहाँ पर बीते दिन 2 मई को त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का मतगणना कार्य सम्पन्न कराया जा रहा था इस दौरान जब पीड़ित का घर से लाया हुआ भोजन और पानी समाप्त हुआ तो वह इसे बाहर से लाने के लिए गणना स्थल से मोटरसाइकिल पर निकले। इस दौरान घटनास्थल पर तैनात उत्तर प्रदेश पुलिस के पदाधिकारी प्रदीप शर्मा द्वारा उनपर लाठी से हमला किया गया।

लाठी से घायल होने के बाद जब अध्यापक ने दरोगा से कहा कि वह एक शिक्षक है और उसकी ड्यूटी मतगणना में लगी हुई है साथ ही वह अपने आवश्यक समान को लेने हेतु बाहर जा रहे है और उनपर किसी प्रकार का अनुचित बल प्रयोग न किया जाए। इसपर दरोगा का पारा सातवें आसमान पर चढ़ गया उन्होंने अपने साथ के अन्य हमराहियों को आदेश देकर लाठी चार्ज कराया जिस से अध्यापक के हाँथ एवं पैर टूट गए। अध्यापक द्वारा बार-बार अपना पक्ष रखने पर दरोगा का गुस्सा फूटता रहा नतीजन इस हमले में अध्यापक के हाँथ एवं पैर टूट गए है जिसकी पुष्टि अस्पताल में किये गए परीक्षणों में भी सामने आई है। साथ ही अध्यापक के सर पर गंभीर चोटें आई है।

इस मामले पर अध्यापक ने विभागीय अधिकारियों से निवेदन किया है कि कोरोना जैसी महामारी में जब वह अपनी जान की परवाह न करते हुए लगातार ड्यूटी कर रहे है ऐसे वक्त में पुलिस का उनपर जानलेवा हमला करना न सिर्फ अन्यायपूर्ण है बल्कि अमानवीय भी है। कृपया इस मामले पर कड़ी कार्यवाही की जाए।

पुलिस ने कहा जांच चल रही है:

हालांकि जब हमने इस मामले पर देवरिया पुलिस से ट्विटर पर जानकारी प्राप्त की तो देवरिया पुलिस ने एक रटी रटाई भाषा मे जवाब दिया है कि प्रकरण की जांच एवं उचित कार्यवाही हेतु क्षेत्राधिकारी को अग्रेषित किया गया है। हालांकि इस तरह के मामले में जांच कितनी सही होती है इसके हज़ारों उदहारण उपलब्ध है।

मामले पर शिक्षक संघ द्वारा पुलिस विभाग के ऊपर रोष जाहिर किया जा रहा है साथ ही इस मामले को ऊंचे स्तर पर उठाने की बात भी कही जा रही है

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उदय बुलेटिन
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