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दस्यु सुंदरी साधना पुलिस की गिरफ्त में
दस्यु सुंदरी साधना पुलिस की गिरफ्त में|Uday Bullletin
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चित्रकूट के जंगलों में लंबे समय से आतंक का पर्याय बनी दस्यु सुंदरी साधना पटेल को पुलिस ने दबोचा

चित्रकूट में कोहराम मचाने वाली दस्यु सुंदरी साधना पुलिस की गिरफ्त में।

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

Summary

अभी पाठा का जंगल बबुली कोल के आतंक से आजाद हुआ था कि बीते दिनों ने क्षेत्र में दस्यु सुंदरी साधना पटेल ने क्षेत्र में कोहराम मचा रखा था, सरकार और प्रशासन नाको चने चबाकर शांत था और साधना अपने जरायम में बदस्तूर जारी थी ।

चित्रकूट के एसपी ऑफिस में आज का दिन बेहद खास था, आज चहलकदमी की वजह से हर जगह खासा हो हल्ला था वजह थी कि चित्रकूट और पाठा के जंगलों में आतंक का पर्याय बनी साधना पटेल को पुलिस ने अपनी गिरफ्त में ले लिया है और एसपी रियाज इकबाल इस बाबत पत्रकारों को संबोधित करने वाले थे।

अपहरण, हत्या और फिरौती के मुकदमे थे :

साधना पटेल पाठा के जंगलों की पहली महिला दस्यु जिसने क्षेत्र में अपना राज कायम किया और आस-पास के जिलो में एक अलग किस्म का ख़ौफ़ स्थापित किया, साधना के ऊपर हत्या, अपहरण, फिरौती, मारपीट के 2 दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज थे, लेकिन काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने साधना को अपने कब्जे में लेकर आतंक की यात्रा को समाप्त कर दिया है।

इश्क ने बनाया दस्यु सुंदरी :

बगावत और बागी, मुसीबत और अत्याचार के आधार पर जन्मती है फूलन देवी, अन्य महिला डकैतों के बारे में यही जानकारी मिलती है कि वह किसी न किसी समस्या के कारण बागी बने, लेकिन साधना के मामले में ऐसा नही था, दरअसल साधना ने जंगल का रास्ता इश्क में पड़कर अपनाया।

साधना मूलतः कर्वी ( चित्रकूट) जिले में आने वाले भरतकूप चौकी के अंतर्गत आने वाले गांव बगहिया की निवासी है , साधना की बुआ नयागांव में व्याही थी जिसकी वजह से साधना का ज्यादातर आना-जाना नयागांव होता था, यहाँ पर आपको बताते चले कि साधना की माँ का सम्बंध तराई के डकैत चुन्नीलाल के साथ था जो कि एक पुलिस एनकाउंटर में मारा गया था, उसी चक्कर मे साधना की माँ भी अपनी ननद के यहाँ अपनी बिटिया साधना को लेकर जाया करती थी, चुन्नीलाल के एनकाउंटर के बाद साधना का विवाह किसी और जगह हो चुका था, लेकिन इससे पहले ही साधना नयागांव के नए नवेले फरार डकैत "नवल" के इश्क में पड़ गयी और मौका पाकर अपनी ससुराल से भागकर जंगलों में पहुच गयी।

इसके बाद साधना का अन्य डकैतों से संपर्क होता रहा चूंकि एक मुठभेड़ में नवल को पकड़ कर जेल भेज दिया गया था, इस पर साधना अन्य दूसरे गिरोहों में जाकर अपना स्थान सुनिश्चित करने लगी ,वर्तमान में साधना सेजवार ( थाना नयागांव) के निवासी दीपक शिवहरे के गैंग में शामिल थी, जिसे पुलिस ने धर दबोचा है।

अलग-अलग थ्योरी :

एक ओर जहां पुलिस साधना को गिरफ्तार करके इसे अपनी कामयाबी घोषित करने पर जुटी है वही जानकार बताते है कि यह एक साठगांठ का काम है , दरअसल साधना पर कब्जे को लेकर डकैतों में काफी विरोध चल रहा था जिसकी वजह से साधना अपनी जान बचाकर करीब दो महीने पहले से ही दूसरे प्रदेश ( मध्यप्रदेश) में कहीं छिपी हुई थी, और मौका पाते ही उसने पुलिस के साथ सरेंडर की यह कहानी रची।

स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस ने उसे गिरफ्तार नहीं किया बल्कि साधना ने खुद ही सरेंडर किया, लेकिन पुलिस उसकी गिरफ़्तारी दिखाकर अपने बढ़ाने में जुटी है।

खैर जो भी हुआ हो लेकिन एक डकैत जरूर काम हो गया।