अब यूपी में शराब हुई स्टैंडर्ड, ऐसे करें नकली-असली शराब की पहचान।

उत्तर प्रदेश में नकली शराब एक बड़ी समस्‍या है, इसके लि‍ए आबकारी वि‍भाग लगातर अभि‍यान चला रहा है।
अब यूपी में शराब हुई स्टैंडर्ड, ऐसे करें नकली-असली शराब की पहचान।
Fake Liquor in Uttar PradeshGoogle

देश मे सरकारे जहां करोड़ो रूपये लोगों को शराब के दुष्प्रभावों से बचाने और इलाज के लिए खर्च कर रही है, वहीँ सरकारें इसके प्रचार-प्रसार में कोई कसर नहीं छोड़ रही है, यही कारण है अब उत्तर प्रदेश शराब में बार कोड प्रणाली शुरू करने जा रही है।

बदल गए है नियम :

अगर आप वाइन की तलाश में है और आपको केवल बियर की दुकान नजर आ रही है तो आप परेशान मत होइए, क्योंकि उत्तर प्रदेश की नई नियमावली के अंतर्गत अब बियर की शॉप पर से ही वाइन भी बेची जा सकती है। एक लायसेंस धारक अधिकतम दो दुकान ही चला सकता है, उत्तर प्रदेश में बिकने वाली सभी शराबो की बोतलों पर बारकोड अंकित रहेगा ताकि किसी भी प्रकार से नकली शराब लोगों तक न पहुँच सके।

इस एप्प से पता करें शराब नकली है या असली:

क्‍यूआर कोड या बार-कोड की स्कैनिंग करके शराब निर्माता की जानकारी, बॉटलिंग की तारीख व एमआरपी का वि‍वरण जाना जा सकता है। इसकी मदद से कोई भी व्यक्ति नकली शराब की पहचान आसानी से कर सकता है।

बोतल पर अंकित बार-कोड या क्‍यूआर कोड को स्कैन करने के लिए आपको UpExciseScanner नामक मोबाइल ऐप गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करना होगा। इस मोबाइल ऐप के जरिए शराब की बोतल पर अंकित क्यूआर कोड का स्कैन कीजिये और आपको पता चल जायेगा कि यह शराब कब और कहाँ बानी है, उसका दाम कितना है, साथ ही कहां के लिए भेजी गई है। इसे एप्प को गूगल प्‍ले स्‍टोर के अलावा आबकारी विभाग की वेबसाइट www.upexcise.in से भी डाउनलोड किया जा सकता है।

लायसेंस फीस हुई महंगी :

जहाँ सरकार ने अन्य विदेशी शराब में लायसेंस फीस में बढ़ोतरी की है वहीँ देशी शराब में 10 फीसदी की बढ़ोतरी की है जिसके बाद शराब के मूल्य में बढ़ोत्तरी होना निश्चित है। इसके साथ ही सरकार ने कैबिनेट की मीटिंग में बियर की लायसेंस फीस में 15 फीसदी और अंग्रेजी शराब की लायसेंस फीस में 20 फीसदी की बढ़ोत्तरी की गई है।

लायसेंस फीस को अलग अलग-अलग बांटा गया :

योगी सरकार ने कैबिनेट की मीटिंग में राज्य की एक्साइज पॉलिसी को पुनः निर्धारित किया है, इसके तहत उत्तर प्रदेश के जिलो में पचास कमरों तक के होटल में शराब लाइसेंस के लिए अलग-अलग प्रकार से बांटा गया है। जिसके तहत गाजियाबाद, नोयडा, प्रयागराज, आगरा, और कानपुर ,लखनऊ ,बनारस जैसे शहरों को कैटेगरी प्रथम में रखा गया है, कैटेगरी प्रथम के शहरों में लायसेंस फीस को 10 लाख सालाना किया गया है। जबकि झांसी , बरेली, अलीगढ़, जैसे शहरों को कैटेगरी 2 में रखा गया है, जिसमे सलाना फीस 7.5 लाख तक होगी, वही कैटेगरी 3 में वही फीस 5 लाख और कैटेगरी 4 में यह फीस 2।5 लाख के आसपास होगी !

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उदय बुलेटिन
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