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राहुल गाँधी
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CBI घूसकांड: राहुल गाँधी का आरोप, केंद्र किसी को राफेल की जांच नहीं करने देगा 

प्रधानमंत्री का संदेश बिल्कुल स्पष्ट है कि राफेल के आस-पास जो भी व्यक्ति आएगा, उसे हटा दिया जाएगा, मिटा दिया जाएगा।”

AKANKSHA MISHRA

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नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को कहा कि राफेल 'घोटाले' के दस्तावेज इकट्ठे करने के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के निदेशक को 'जबरन अवकाश' पर भेजकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट संदेश दे दिया है कि रक्षा सौदे के सच के करीब जाने वाले हर व्यक्ति को 'मिटा' (वाइप्ड आउट) दिया जाएगा।

राहुल ने ट्वीट किया, "सीबीआई प्रमुख आलोक वर्मा राफेल घोटाले के दस्तावेज इकट्ठे कर रहे थे। उन्हें जबरन अवकाश पर भेज दिया गया। प्रधानमंत्री का संदेश बिल्कुल स्पष्ट है कि राफेल के आस-पास जो भी व्यक्ति आएगा, उसे हटा दिया जाएगा, मिटा दिया जाएगा।"

केंद्र द्वारा वर्मा को अवकाश पर और सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के खिलाफ रिश्वत के आरोपों की जांच कर रहे दर्जनों अधिकारियों के स्थानांतरण करने के कुछ घंटों के बाद राजस्थान में उन्होंने राफेल सौदे पर मोदी सरकार को घेरते हुए कहा, "देश और संविधान खतरे में है।"

राजस्थान के झालावाड़ में जनसभा को सम्बोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गन्दी ने कहा "कल रात 'चौकीदार' ने सीबीआई के डायरेक्टर को पद से हटाया , क्योंकि सीबीआई राफेल पर केंद्र सरकार से सवाल उठा रही थी"

CBI में फेरबदल

आपको बता दें, केंद्र ने सीबीआई के संयुक्त निदेशक एम. नागेश्वर को निदेशक की जिम्मेदारियां निभाने को कहा है। निदेशक आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजने के साथ ही एजेंसी के 13 अन्य अधिकारियों का भी तबादला कर दिया है।

इस कदम के साथ केंद्र ने सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के खिलाफ रिश्वतखोरी के मामले की जांच कर रहे लगभग सभी अधिकारियों को हटा दिया है। सूत्रों के अनुसार, जिन 13 सीबीआई अधिकारियों का तबादला किया गया है, उसमें अस्थाना के खिलाफ आरोपों की जांच कर रहे पुलिस उपाधीक्षक अजय कुमार बस्सी भी शामिल हैं। बस्सी को 'जनहित' में तत्काल प्रभाव से पोर्ट ब्लेयर स्थांतरित कर दिया गया है।

अस्थाना के विरुद्ध जांच कर रहे सीबीआई के एसी-3 इकाई के सुपरवाइजरी पुलिस अधीक्षक एस.एस. गुरम को भी तत्काल प्रभाव से मध्यप्रदेश के जबलपुर स्थानांतरित कर दिया गया है।संयुक्त निदेशक(पॉलिसी) अरुण कुमार शर्मा से भ्रष्टाचार रोधी प्रमुख का प्रभार छीन लिया गया है और उन्हें अन्यत्र तैनात कर दिया गया है।

अस्थाना के विरुद्ध जांच की अगुवाई कर रहे उपमहानिरीक्षक मनोज सिन्हा को नागपुर स्थानांतरित कर दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, पुलिस अधीक्षक सतीश डागर, उपमहानिरीक्षक तरुण गौबा और संयुक्त निदेशक वी. मुरुगेसन अब अस्थाना के खिलाफ प्राथमिकी की जांच को देखेंगे।