माफ करिये लेकिन पुलिस का यह रूप बालमन में आक्रोश के बीज बोता है

यूपी पुलिस की बर्बरता को क्या यह बच्ची अपने मन से निकाल पाएगी? दिवाली के दिन उसके पिता के साथ जो हुआ वो उसके मन मस्तिष्क में हमेशा रहेगा।
माफ करिये लेकिन पुलिस का यह रूप बालमन में आक्रोश के बीज बोता है
Bulandshahr Firecracker seller daughterSocial media

मामला एक पटाखा व्यवसायी से जुड़ा है, जहां पर स्थानीय पुलिस द्वारा पटाखे बेचने पर व्यवसायी को उठाया गया, लेकिन स्थिति उस वक्त दयनीय हो गयी जब पटाखा व्यवसायी की बेटी अपने पिता को छुड़ाने के लिए पुलिस वालों के सामने सर पटकती रही, मिन्नतें मांगती रही, गाड़ी का दरवाजा थपथपाती रही, लेकिन पुलिस अधिकारियों का दिल नहीं पसीजा, पुलिस पिता को उठाकर ले गयी।

पटाखों की रोकथाम पर पुलिस ने उठाया बर्बर कदम:

चर्चा जब उत्तर प्रदेश पुलिस की होती है तो अनायास की आपके सामने एक सख्त चेहरा उतरता है, लेकिन बुलंदशहर में यह चेहरा सख्त से बर्बर होता चला गया।

दरअसल उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में जिला प्रशासन और पुलिस ने मिलकर पटाखों की बिक्री को अवैध घोषित करते हुए दमनात्मक कार्यवाही अपनायी इस प्रक्रिया में प्रशासन और पुलिस ने बाजार में उपस्थित पटाखा विक्रेताओं की दुकानों का सिर्फ तहस-नहस किया बल्कि विक्रेताओं को उठाकर पुलिस वैन में डालने का काम किया जाने लगा। इस पर पटाखा विक्रेताओं के परिजनों द्वारा पुलिस से उनको छोड़ने की गुहार लगाई गई।

दरअसल जिस वक्त पुलिसकर्मियों द्वारा पटाखा विक्रेता को गिरेबान पकड़ कर गाड़ी में डाला जा रहा था उस वक्त उसके बच्चे बच्चियां एक ओर सड़क पर बिखरे हुए पटाखे सहेज कर रख रहे थे ताकि उनकी लागत बर्बाद न हो, वहीँ कुछ बच्चे पुलिसकर्मियों के सामने मिन्नतें कर रहे थे, इस मौके पर दयनीय स्थिति तब बनी जब पटाखा विक्रेता की बच्ची पुलिसकर्मियों से पिता को छोड़ने की गुहार लगा रही थी वहीं पुलिसकर्मियों के चेहरे पर एक पैसे की मानवता नजर नही आई।

इस पर जब बच्ची ने देखा कि उसकी किसी मिन्नत का असर पुलिसकर्मियों पर नही हो रहा इस पर बच्ची द्वारा अपने सर को पुलिसकर्मियों की गाड़ी पर लगातार पटका गया, हालाँकि इस पर भी पुलिसकर्मियों पर कोई खास फर्क पड़ता हुआ नजर नही आया, उल्टे पुलिसकर्मी अन्य परिवारीजनों पर लात चलाते हुए नजर आए, इस मौके पर किसी मोबाइल धारक ने अपने मोबाइल से सारे वाकये का वीडियो शूट करके वायरल कर दिया।

वायरल होने के बाद लोगों के आये रिएक्शन:

वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया में इस वाकये के कई वीडियो नजर आने लगे, लोगों ने इस पुलिसिया हरकत पर सवाल उठाए, लोगों ने आरोप लगाए कि जब सरकार ही पटाखे बनाने और बेचने का लाइसेंस देती है और जब पटाखा व्यापारी अपने पैसे लगाकर माल खरीद लेता है तो उसे सरकार के दूसरे आदेश पर बिक्री को बैन कर दिया जाता है, साथ ही सरे बाजार पटाखों को सड़क पर फैला दिया जाता है, लात घुसे मिले वो अलग।

सरकार ने वीडियो पर लिया एक्शन, पुलिसकर्मी नपे:

हालांकि वीडियो के वायरल होने के बाद इस मामले में मुख्यमंत्री ने स्वतः संज्ञान लेते हुए पटाखा व्यवसायी को तत्काल प्रभाव से रिहा कराया और बेटी के लिए उपहार स्वरूप शुभकामनाएं और मिठाईयां भेजी। दोषी पुलिसकर्मियों को भी तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया गया है, योगी आदित्य नाथ ने भाजपा के नेताओं और अधिकारियों को विक्रेता के घर भेजकर पुलिसकर्मियों और अन्य अधिकारियों के द्वारा की गई बर्बरता के लिए क्षमा मांगी और दिवाली के उपलक्ष्य में उपहार भेजे, लेकिन सवाल अभी भी वही है कि पटाखा बेचने के लिए सरकार लाइसेंस दे, माल खरीदी के बाद बिक्री पर बैन लगे उसके लिए विक्रेता का क्या दोष ?

हालांकि सरकार ने अपने नुमाइंदे भेजकर गलती मान ली है, विक्रेता को छोड़ दिया गया है लेकिन एक सवाल यक्ष प्रश्न बनकर खड़ा है कि जिस बच्ची के मन मे पुलिस की यह हरकत रिकार्ड हो गयी है क्या वह जीवनभर उसके मस्तिष्क से निकल पाएगी?

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उदय बुलेटिन
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