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बुलंदशहर हिंसा
बुलंदशहर हिंसा|IANS
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बुलंदशहर हिंसा : बदले गए दो नाकाम पुलिस अधिकारी, आरोपी योगेश राज अब भी फरार 

उत्तर प्रदेश में IB के ADG ने मुख्यमंत्री योगी को सौंपी रिपोर्ट कहा, बुलंदशहर में गोकशी की झूठी खबर के बाद हुआ था भारी विरोध ,उसी दौरान कुछ लोगों ने हिंसा भड़काने की साजिश रच डाली। 

AKANKSHA MISHRA

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लखनऊ | उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में भीड़ के हमले मामले में दो पुलिस अधिकारियों पर गाज गिरी है। इन अधिकारियों के तबादले कर दिए गए हैं। इस हमले में एक पुलिस अधिकारी सहित एक शख्स की मौत हो गई थी। दरअसल बुलंदशहर हिंसा की जांच कर रहे IB की रिपोर्ट के बाद अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक एस.बी.शिराडकर, सर्किल ऑफिसर (सीओ) सत्या प्रकाश शर्मा और चिंगरावठी पुलिस चौकी के प्रभारी सुरेश कुमार का सोमवार को क्षेत्र में बिगड़ी स्थिति में संभालने में नाकाम रहने के लिए तबादल कर दिया गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रिपोर्ट में बिलंदशहर हिंसा पुलिस की लापरवाही का परिणाम है।

मुख्यमंत्री को सौपी गई रिपोर्ट में कहा गया कि स्थानीय प्रशासन की देरी की वजह से स्याना गाओं में तनाव बढ़ता गया, और जब जिले के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर नहीं पहुंचे जिसके बाद हालात और बिगड़ गए।

गृह विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि खेत में कुछ हिंदूवादी संगठनों के कायकर्ताओं द्वारा गोवंश के अवशेष मिलने के बाद बिगड़ी स्थिति को संभालने में नाकाम रहने की वजह से दोनों अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है।

इस भीड़ हिंसा में पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह और चिंगरावठी गांव के रहने वाले सुमित सिंह की मौत हो गई थी।

पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ओ.पी.सिंह की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद यह फैसला लिया गया। डीजीपी ने इस मामले की रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप दी थी।

इस बीच योगी आदित्यनाथ ने बुलंदशहर की इस घटना को दुर्घटना बताया है। उन्होंने पहले कहा था कि यह घटना एक बहुत बड़ी साजिश थी लेकिन शुक्रवार को दिल्ली में एक मीडिया कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि यह घटना वास्तव में एक दुर्घटना थी।

उन्होंने कहा, "उत्तर प्रदेश में कोई मॉब लिंचिंग की घटना नहीं हुई है। बुलंदशहर में जो हुआ, वो एक दुर्घटना थी।"

आपको बता दें कि, पुलिस ने इस मामले में अब तक कूल नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है लेकिन मुख्य साजिशकर्ता योगेश राज गिरफ्त से बाहर है। घटना में मारे गए पुलिस अधिकारी सुबोध सिंह को आर्मी जवान (जीतू फौजी) द्वारा गोली मारने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस जीतू फौजी की खोज में है।