Mahoba Charkhari BJP MLA
Mahoba Charkhari BJP MLA|Google Image
देश

भाजपा विधायक के बिगड़े बोल, अधिकारियों पर जूता चलाने की बात कही

जनाब भाजपा से महोबा जिले में आने वाली तहसील चरखारी से विधायक है, और अपनी तेज तर्रार छवि के लिए जाने जाते हैं। फिलहाल उनका यह वीडियो हर जगह वायरल हो रहा है।

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

सोशल मीडिया में वायरल हो रहे वीडियो में उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में आने वाली तहसील चरखारी से भाजपा विधायक इन दिनों आक्रोश में हैं। विधायक के अनुसार जिले के आला अधिकारी इन दिनों अपनी मनमर्जी से नीतियां निर्धारित कर रहे है और उनका गलत तरीके से अनुपालन कराया जा रहा है। चरखारी विधायक ब्रजभूषण राजपूत के अनुसार महोबा जिले के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक बेहद नाकारा हैं और सरकार द्वारा आम आदमी को दिए जाने वाले लाभ की छोटी मात्रा भी नहीं पहुंचाई जा रही है।

जूता उतार कर मारने की बात :

दरअसल सारा बवाल चरखारी विधायक के उस बयान को लेकर खड़ा हो गया है जिसमें विधायक द्वारा अधिकारियों के लिए जूता उतारने की बात कही जा रही है। विधायक ब्रजभूषण राजपूत के अनुसार उन्होंने अधिकारियों को आखिरी अल्टीमेटम दे दिया है कि अभी वक्त है सुधर जाओ, अपनी करतूतें सुधार लो, क्योंकि अगर हमारा जूता उतरा तो तुरंत रास्ते पर आ जाओगे। हमने जमीनी राजनीति में बीस साल खपाये हैं, इस पर हमें पता है कि सरकारी अधिकारों का दुरुपयोग अधिकारियों द्वारा कैसे किया जाता है। विधायक ने आगे अपनी बात कहते हुए कहा कि आईएएस और आईपीएस की डिग्रियां ( हालांकि भारत मे ऐसी कोई डिग्री मौजूद ही नहीं है, ये एक परीक्षाओं का समूह है) लेने भर से कोई इंसान महान नहीं हो जाता। विधायक के अनुसार उन्होंने तमाम बार ऐसे लापरवाह अधिकारियों को महिलाओ के कपड़े पहनाए है और सिंदूर इत्यादि से उनको महिलाओं की तरह सजाया है।

ये है राष्ट्रवाद से ओतप्रोत भाजपा के चरखारी विधायक मा० ब्रजभूषण राजपूत। अपनी ही सरकार में ये महोबा के डीएम एसपी को दलाल,...

Posted by Akhtar Zeeshan on Monday, May 11, 2020

क्या कहते हैं लोग :

वैसे तो क्षेत्र में चरखारी विधायक की छवि बेहद तेजतर्रार और ईमानदार नेता की है। युवाओं के बीच उनकी इसी तरह की बयानबाजी को लेकर अच्छा खासा क्रेज है और अगर यह कहा जाए कि क्षेत्र में वो युवा नेताओं के आदर्श है तो ज्यादा नहीं होगा। लेकिन बयान में प्रयोग की गई भाषा को लेकर लोगों की राय अलग है, लोगों के अनुसार अगर आपको विरोध दर्ज कराना ही है तो उसके लिए तमाम उपाय हैं जिसके द्वारा आप विरोध दर्ज करा सकते है। लेकिन इस तरह की भाषा का प्रयोग अधिकारियों का मनोबल गिरा सकता है, जो इस आपदा के वक्त तकलीफ खड़ी कर सकता है।

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उदय बुलेटिन
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