पंचायत चुनाव इफेक्ट: बाँदा में चुनावी रंजिश को लेकर दो पक्षो में चली गोली, एक की मौत

बांदा जिले के खुरहंड गांव में दो पक्षों में खूनी संघर्ष, युवक की गोली मारकर हत्या
पंचायत चुनाव इफेक्ट: बाँदा में चुनावी रंजिश को लेकर दो पक्षो में चली गोली, एक की मौत
बांदा जिले के खुरहंड गांव में दो पक्षों में खूनी संघर्षUP Police

यूपी में पंचायत चुनाव की आहट शुरू हो चुकी है, चूंकि मामला प्रधानी से जुड़ा हुआ है इसलिए इसमें ग्रामीण स्तर की राजनीति और हिंसक हरकतों का समिश्रण पाया जाता है। कई बार पंचायत चुनाव आम चुनावों से ज्यादा खतरनाक साबित होते है क्योंकि यहां मामला लोगों की मौत तक पहुँच जाता है। बाँदा जिले के ग्राम खुरहंड में ऐसी ही एक घटना हुई है जिसमें निवर्तमान प्रधान पुत्र को वर्तमान प्रधान पुत्र ने गोली मार दी।

सीसी सड़क बनी हत्या की वजह:

मामला उत्तर प्रदेश के बाँदा जनपद से जुड़ा हुआ है जहां के गिरवा थाना अंतर्गत ग्राम खुरहंड में गुरुवार को बेहद संवेदनशील स्थिति बन गयी। दरअसल गांव में एक कच्चे रास्ते पर सीसी सड़क का निर्माण हो रहा था जिसमें उपजे विवाद को लेकर वर्तमान प्रधान पुत्र विकास सिंह इस सड़क को बनाने में विरोध कर रहा था जबकि इस विवाद में अजीत सिंह ठेकेदार की तरफ से सामने आ गया। बात इस कदर बिगड़ी की मौके पर ही लाठी डंडे के साथ गोली बारी होने लगी और पहले से ताक लगाए विकास सिंह ने अजीत सिंह को गोली मार दी जिससे अजीत सिंह मौके पर ही ढेर हो गया।

विकास भी हुआ बुरी तरह घायल:

इस विवाद में जैसे ही अजीत सिंह को गोली मारी मारी गयी उसके बाद दोनों पक्षों में घमासान लड़ाई हुई इस लड़ाई में गोली चलाने वाले पक्ष के मुखिया विकास सिंह को लाठी डंडो से पीटा गया। जिससे विकास गंभीर हालत में गिर पड़ा, वही इस लड़ाई में एक और व्यक्ति भी बुरी तरह घायल हुआ है, प्राप्त सूचना के अनुसार घायल अवस्था मे विकास सिंह को जिला अस्पताल बाँदा में भर्ती कराया गया था जहां पर स्थिति नाजुक होने की वजह से उसे कानपुर के लिए रिफर किया गया है।

गांव बना पुलिस छावनी:

ग्रामीण इस हादसे के बाद दहशत में है, पूरे गांव में आस पास के थानों की पुलिस के अलावा बाँदा पुलिस लाइन से आये पुलिसकर्मियों ने डेरा डाल रखा है। पुलिस ऐतिहात के दौर पर गली मोहल्लों में घूम रही है साथ ही लोगों को अपने अपने घरों के अंदर रहने की हिदायत दी जा रही है।

चुनावी रंजिश बनी मौत की वजह:

इस मामले में एक सीधा मकसद सामने आया है दरअसल दोनो पक्षों में मामला चुनाव और उससे जुड़ी हुई रंजिश से जुड़ा हुआ है। दरअसल दोनो पक्ष लगातार लंबे वक्त से पंचायत चुनाव में शामिल होते रहे है और मृतक की माता पूर्व ब्लाक प्रमुख भी रह चुकी है। चुनावों के बाद अजीत सिंह ने वर्तमान प्रधान के ऊपर सरकारी धन के दुरुपयोग करने के आरोप भी लगाए थे और इस मामले पर उच्चाधिकारियों से जांच कराने की गुजारिश भी की थी। शायद यही कारण था कि यह घटना घटित हुई।

स्थानीय पुलिस की भूमिका संदिग्ध:

परिजनों का आरोप है कि इस घटना को बेहद प्लानिंग के साथ अंजाम दिया गया है। परिजनों ने उदय बुलेटिन को जानकारी देते हुए बताया कि जब मृतक अजीत सिंह को हत्यारोपियों द्वारा घेरा गया था उस वक्त अजीत के साथ रहे चचेरे भाई अभय ने अपने चाचा (जो कि इंटर कालेज में शिक्षक है) को घटना की जानकारी दी और पुलिस की मदद मांगी। मृतक के चाचा द्वारा खुरहंड चौकी जाकर इत्तला भी दी लेकिन चौकी इंचार्ज द्वारा यह कहा गया कि जाकर खुद निबट लो। जो घटना होती है उसपर मैं बाद में ध्यान दूंगा। परिजनों का आरोप है कि इस घटना में स्थानीय चौकी इंचार्ज भी शामिल हो सकते है। इस मामले की जांच होनी चाहिए, खबर लिखे जाने तक मृतक के परिजनों द्वारा पुलिस को अभी तक कोई तहरीर नही दी गयी है, जबकि इस मामले पर शिकायत दर्ज कराने के लिए आईजी जोन, डीआईजी रेंज, एसपी और अन्य आला अधिकारी मौके पर उपलब्ध है।

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