Mask and sanitizer are essential commodities
Mask and sanitizer are essential commodities|Google
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कोरोना इफेक्ट : मास्क और सेनेटाइजर की कालाबाजारी की तो सलाखों के पीछे होंगे।

पूरी दुनिया में कोरोना ने कोहराम मचा रखा है और भारत दुनिया से अलग थोड़े है, यहाँ भी कालाबाजारी के माफियाओं ने मौके का फायदा उठाने की सोची है लेकिन सरकार ने अपना रुख साफ कर दिया है। 

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

आवश्यक वस्तु घोषित :

चूंकि कोरोना वायरस संपर्क और श्वसन संचारित बीमारी है जिसके चलते बाजारों में हैंड सेनेटाइजर और मास्क की मांग जरूरत से ज्यादा बढ़ गयी है। हर व्यक्ति किसी भी प्रकार से मास्क और सेनेटाइजर खरीदने के लिए बाजार पहुँच रहा है लेकिन बाजारी माफियाओं के चलते इन वस्तुओं की कालाबाजारी और अवैध भंडारण( जिसका भंडार हो और उसे बेचा न जा रहा हो) या फिर उसे निर्धारित मूल्य से आगे बेचा जा रहा हो यह एक दंडनीय अपराध की श्रेणी में आएगा जिसके तहत यह अवैध कार्य करने वाले को सलाखों के पीछे भी भेजा जा सकता है।

केंद्र सरकार ने मास्क ( प्लाई 2, प्लाई 3, सर्जिकल मास्क, एन 95 मास्क) जैसे मास्को और हैंड सेनेटाइजर को आवश्यक वस्तु की श्रेणी में सम्मिलित किया है।जिसके तहत इनकी कालाबाजारी करने पर सजा का प्रावधान रखा गया है।सरकार का यह आदेश 30 जून 2020 तक मान्य रहेगा।आवश्यक होने पर केंद्र सरकार इसे आगे भी बढ़ा सकती है, केंद्र सरकार ने स्थानीय राज्य सरकारों को सेनेटाइजर और मास्क की गुणवत्ता, उत्पादन, और वितरण को नियमित कराने के अधिकार दिए है।

सात साल की सजा :

केंद्र सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत इन बस्तुओं की कालाबाजारी करने वालों के लिए इस अधिनियम में वर्णित सात साल की सजा का उल्लेख किया है। अगर कोई व्यक्ति इन वस्तुओं के बिक्री में सरकारी आदेशों की अवहेलना करता है तो उसे लंबे समय के लिए जेल भेजा जाएगा।

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उदय बुलेटिन
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