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Nand Kishore Gurjar BJP MLA
Nand Kishore Gurjar BJP MLA|Google 
देश

भाजपा के लिए शीत सत्र का पहला दिन बेहद असहज करने वाला रहा, भाजपा के विधायकों ने किया योगी सरकार का विरोध ! 

उत्तर प्रदेश सरकार का शीत सत्र और भाजपा के ही विधायक सरकार के विरोध में जाकर धरने में बैठ गए, मामला मान मनोउव्वल तक भी गया लेकिन बात नही बनी !

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

सरकार के विरोध में भाजपा के विधायक:

एक ओर जहां भाजपा सरकारों को विपक्ष के हमले से आहत होना पड़ रहा है वहीँ आज की स्थिति कोढ़ में खाज जैसी हो गयी करीब 60 के आस-पास भाजपा के विधायक सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल कर बैठ गए और मुद्दा था कि विधायकों को पुलिस द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा और उनकी बात नहीं सुनी जा रही है।

गाजियाबाद के लोनी विधायक का था मुद्दा :

मामला गाजियाबाद के लोनी से विधायक नंद किशोर गुर्जर के ऊपर हुई पुलिस बर्बरता को लेकर विधानसभा में मुद्दा उठा जिसको लेकर नंद किशोर खुद आप बीती बातें बता रहे थे साथ मे प्रदेश के अन्य विपक्षी दलों के विधायकों ने उनके समर्थन में आवाज उठाई, और इस तरह सदन की कार्यवाही दो बार 10-10 मिनिट के लिए स्थगित की गई और अंततः जब विधायक किसी प्रकार नहीं माने तो सदन की आज की कार्यवाही स्थगित की गई।

बीजेपी नेताओं ने विधायकों को मनाने का प्रयास किया :

उत्तर प्रदेश सरकार के उप मुख्यमंत्री दिनेश चंद्र शर्मा समेत अन्य नेताओं ने धरने पर बैठे विधायकों को समझाने का प्रयास भी किया लेकिन धरने पर भाजपा समेत अन्य दलों के विधायकों का बढ़ता सुर देखकर भाजपा के बड़े नेताओं ने अपना बस्ता समेट लिया और दिन भर के लिए विधानसभा स्थगित कर दी गयी।

सपा एमएलसी ने कहा कि सरकार अल्पमत में हो चुकी है :

एक ओर जहां विधायक पुलिस की कारगुजारियों को सदन के पटल पर रख रहे थे तब सपा के एमएलसी आनंद भदौरिया ने पत्रकारों से कहा कि वर्तमान में भाजपा समेत अन्य दलों के करीब 200 विधायक सरकार की तानाशाही और पुलिस की बर्बरता की वजह से विरोध में है अगर इस तरीके से देखा जाए तो एक प्रकार से सरकार अल्पमत में है, और प्रदेश की जनता की आज यह मांग है कि उन्हें इस दमनात्मक सरकार से मुक्ति मिल सके।

धरने पर बैठे भाजपा विधायक को मिला विपक्ष का समर्थन:

भाजपा के लोनी गाजियाबाद से विधायक नंद किशोर गुर्जर को सपा और कांग्रेस के सदस्यों ने समर्थन दिया। गुर्जर ने प्रदेश सरकार पर उत्पीड़न का आरोप लगाकर विधानसभा सदन में धरना दिया। उनके धरने को भाजपा और सपा के तमाम विधायकों ने समर्थन दिया। विधायक नंद किशोर के समर्थन में विधायकों के बीच हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया है, जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपा जाएगा। बाद में विधानसभा की संसदीय समिति के समक्ष डीएम-एसपी को पेश कराने का आश्वासन देकर विधायक का धरना खत्म कराया गया।

मंगलवार को नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में सदन में चर्चा कर केंद्र को प्रस्ताव भेजे जाने पर अड़े विपक्षी सदस्यों ने सदन से वाकआउट किया कि इस बीच विधायक नंद किशोर गुर्जर अपनी जगह खड़े हो गए और कुछ कहने की अनुमति मांगी। विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने मना करते हुए बैठने को कहा। लेकिन, विधायक उनकी बात को अनसुना करते हुए अपनी जगह खड़े रहे। इस दौरान सदन में वापस लौटे विपक्षी सदस्यों की नजर गुर्जर पर पड़ी और वे उनके समर्थन में लामबंद हो गए।

संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने भी विधायक को इशारे से बैठ जाने को कहा, लेकिन हाथ में एक पर्चा थामे गुर्जर बोलने की अनुमति मांगते रहे। इस दौरान सपा के सदस्य वेल में आकर विधायक के समर्थन में नारेबाजी करने लगे। उनका कहना था कि सदन में जब सत्ता पक्ष के सदस्य को ही कुछ कहने की अनुमति नहीं है तो विपक्ष की क्या सुनी जाएगी। विपक्षी सदस्य को न्याय दो के नारे लगा रहे थे। गुर्जर धरने पर बैठ गए तो विपक्ष के नेता रामगोविंद चौधरी ने कहा, "वे जब तक सदन में रहेंगे हमारे विधायक भी उनके साथ रहेंगे।"

ज्ञात हो कि लोनी में तैनात फूड इंस्पेक्टर आशुतोष सिंह का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें आरोप है कि विधायक नंद किशोर ने कार्यालय बुलाकर मीट के होटलों के लाइसेंस न बनाने का दबाव डाला था। फूड इंस्पेक्टर ने मारपीट का आरोप भी लगाया था। वीडियो वायरल होने के बाद गाजियाबाद के एसपी नीरज जादौन की संस्तुति पर विधायक व उनके साथियों पर मामला दर्ज किया गया है।

मामला दर्ज होने के बाद भाजपा ने विधायक नंद किशोर गुर्जर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह के निर्देश पर महामंत्री विद्यासागर सोनकर ने विधायक से एक सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है।

उधर विधायक गुर्जर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिख कर कहा था कि उन पर ऐसी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए, जिससे वे आजीवन जेल में रहें और उनका जीवन सुरक्षित रह सके, क्योंकि कुछ लोग उनकी हत्या कराना चाहते हैं।

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