बाँदा: चौसड के प्रिंस हत्याकांड का हुआ खुलासा, प्रेमी-प्रेमिका के आपत्ति जनक स्थिति में देखे जाने की वजह से हुई हत्या

8 साल के बच्चे ने आपत्तिजनक स्थित में देख लिया तो बच्चे का क़त्ल कर दिया
बाँदा: चौसड के प्रिंस हत्याकांड का हुआ खुलासा, प्रेमी-प्रेमिका के आपत्ति जनक स्थिति में देखे जाने की वजह से हुई हत्या
बाँदा के आठ वर्षीय प्रिंस की हत्या का खुलासाउदय बुलेटिन

कहते कि है इश्क अंधा होता है लेकिन कभी कभार यह कितना गलत होता है इसकी बानगी बाँदा के अतर्रा तहसील अंतर्गत ग्राम चौसड में देखने को मिली जहां पर आठ वर्षीय प्रिंस की हत्या का खुलासा जिला पुलिस ने करके मिसाल कायम की है।

आपत्तिजनक स्थिति में देखे जाने पर हुई हत्या:

बीते दिन गुरुवार को बाँदा पुलिस अधीक्षक ने चौसड के बहुचर्चित प्रिंस हत्याकांड मामले का खुलासा कर दिया इस मामले में जिला पुलिस अधीक्षक ने बेहद सनसनीखेज थ्योरी पेश की, पुलिस के मुताबिक एक महिला समेत कुल मिलाकर तीन आरोपियों ने इस मामले में अपना अपराध कुबूल कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में यह बताया कि प्रिंस जिस वक्त अपनी चाची के यहाँ से लौट रहा था, रास्ते मे आते वक्त उसने अपने मुहल्ले की ही एक महिला सतरूपा पत्नी जीतेन्द्र कुशवाहा को उसके प्रेमी अंकित कुशवाहा पुत्र आंनद कुशवाहा के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया।

इस पर महिला और उसके प्रेमी ने अबोध बालक से इस बारे में किसी को न बताने की नसीहत दी और डांट लगाई लेकिन बालमन होने की वजह से प्रिंस ने यह कह दिया कि वह इस मामले की सारी बात सभी लोगों को बता देगा, जिसपर भेद खुलने और समाज मे बदनामी होने की वजह से सतरूपा और उसके प्रेमी अंकित ने प्रिंस की गला दबाकर हत्या कर दी और हत्या को छुपाने के लिए शव को पुआल और गोबर के नीचे दबा दिया।

घटना के बाद सतरूपा और अंकित ने एक अन्य व्यक्ति छोटा गुप्ता निवासी बिसंडा को घटना के बारे में बताया, उक्त आरोपी छोटा ने शव को छुपाने,परिजन और पुलिस को भ्रमित करने की भरपूर कोशिश की लेकिन अपराधी सफल नहीं हो सके।

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जिला पुलिस अधीक्षक ने मामले पर पूरी जानकारी उपलब्ध कराई:

मामले को फिरौती का मामला बनाने की कोशिश की:

पुलिस जांच में यह सामने आया है कि प्रिंस की हत्या उसी घटना वाले दिन ही कर दी गयी थी, लेकिन यह मामला हत्या का बने और इस मामले में स्थानीय पुलिस के साथ परिजनों को भ्रम में डाल दिया जाए इसके लिए मुख्य हत्यारोपियों ने छोटा यादव की मदद ली, जिसके बाद फिरौती की मांग की गई, जिससे यह मामला अपहरण का हो जाये।

स्थानीय पुलिस ने शव मिलने के बाद ही मामले की छानबीन करनी शुरू कर दी थी जिसमे सतरूपा और उसके पति को शक के आधार पर गिरफ्तार किया गया था लेकिन आखिरकार सतरूपा ने पुलिस की पूंछताछ में मामले को न सिर्फ कुबूल लिया बल्कि अपने दो सहयोगियों के नाम भी उजागर कर दिए, हालाँकि इस मामले में सतरूपा के पति की कोई भूमिका नजर नहीं आई है।

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उदय बुलेटिन
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