उदय बुलेटिन
www.udaybulletin.com
Banda Police
Banda Police|Twitter 
देश

बदलती पुलिस और बदलती जिम्मेदारियां, एक बच्ची के परिजनों के लिए दर-दर की खाक छानी।

बाँदा पुलिस ने खोयी बच्ची को उसके परिवार से मिलाया ।

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

युवा राष्ट्र की सच्ची शक्ति होते हैं और अगर युवा शक्ति नारी के रूप में है तो वह तत्परता के साथ भावना का मिश्रण लिए होती है, जिसकी वजह से काम सिर्फ काम तक सीमित नही रहता बल्कि वह जिम्मेदारी बन जाता है।

इसी भावना से जुड़ा हुआ ताजा मामला बाँदा जिले के अतर्रा थाने से जुड़ा हुआ है जहाँ दोपहर के वक्त आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रो से आने वाली आवक की वजह से पूरे कस्बे में एक भारी भीड़ का आलम हो जाता है पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टि से कस्बे के भीड़-भाड़ वाले इलाके में पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाती है महिला सुरक्षा के मद्देनजर अतर्रा थाना पुलिस ने महिला आरक्षियों की भी तैनाती की थी।

भरे बाजार में तैनात महिला आरक्षी को एक नन्हीं बच्ची के रोने की आवाज आई महिला आरक्षी ने बच्ची के पास जाकर घरवालों के बारे में जानकारी जुटाई लेकिन बच्ची अपने खोने की वजह से कुछ भी कहने में सक्षम नही थी, महिला आरक्षी ने सबसे पहले बाँदा पुलिस के ट्विटर एकाउंट और फेसबुक की मदद से खोजबीन शुरू की और फिर बच्ची के कुछ कहने पर घर-घर जाकर बच्ची के बारे में जानकारी माँगी, करीब एक घंटे के अंदर ही बच्ची के परिजनों को खोजकर सौप दिया।

मामले को लेकर सभी महिला आरक्षी की तारीफे करते नहीं थक रहे है, खुद बाँदा जिले के पुलिस अधीक्षक साहा ने इस मामले को लेकर आरक्षी की तारीफ की है।

उदय बुलेटिन के साथ फेसबुक और ट्विटर जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।