बाँदा जिले का मटौन्ध थाना दलालों के कब्जे में, अवैध खनन को लेकर दलाल ले रहे वाहनो की एंट्री फीस।

दलाल के माध्यम से लेते हैं अवैध खनन की एंट्री फीस।
बाँदा जिले का मटौन्ध थाना दलालों के कब्जे में, अवैध खनन को लेकर दलाल ले रहे वाहनो की एंट्री फीस।
Mataundh Police StationUday Bulletin

लाल सोना कहें या फिर नदी की रेत दोनो बात एक ही है, पूरे उत्तर प्रदेश में बाँदा जिले में बहने वाली केन नदी की लाल रेत पूरे उत्तर भारत मे उम्दा किस्म की मानी जाती है जिसकी वजह से इसका व्यापार पूरे उत्तर प्रदेश समेत उत्तर भारत मे किया जाता है। चूँकि थाना मटौन्ध ऐसी जगह है जहां से केन नदी की रेत का करीब चालीस फीसदी हिस्सा निकल कर बाहर जाता है ऐसे में ये पुलिस थाना रेत की तस्करी का अहम हिस्सा बन चुका है। ऐसे में लोगों ने गुप्त सूचना उपलब्ध कराई है कि थाने में इंट्री लेने में दलाल पूरी ताराह सक्रिय है।

थाना हुआ दलालों के कब्जे में :

लोगों की माने तो इन दिनों पूरा का पूरा मटौन्ध थाना मात्र एक दलाल के इशारे पर चल रहा है, अगर आपको थाने के क्षेत्र में कोई भी रेत, बालू का ट्रक या ट्रैक्टर निकालना है तो आपको परामपुरवा निवासी दलाल को सुविधाशुल्क देनी होगी। जिसका एक बड़ा हिस्सा सीधे थाना अधिकारियों को पहुँचाया जा रहा है। खुद रेत का व्यापार करने वाले लोगों ने बताया कि एक समय तक थाना क्षेत्र में ट्रैक्टर ट्राली निकालने के लिए 1200 रुपये प्रति चक्कर भेंट थाने पहुँचाई जाती थी लेकिन अब यह इंट्री फीस ( सुविधाशुल्क) दलाल के माध्यम से होने के बाद 1600 रुपये प्रति चक्कर हो चुकी है।

एक बार पूरा थाना हुआ था तितर बितर :

ऐसा नहीं है कि थाने में इस रिश्वतखोरी को लेकर कोई कार्यवाही नहीं हुई हो, इससे पहले थाने में अनियमितता पाए जाने और रिश्वतखोरी की शिकायत पर बड़ी संख्या में आरक्षियों समेत थाना निरीक्षक और उपनिरीक्षकों को ट्रांसफर किया गया था। कुछ उप निरीक्षक तो लाइन हाजिर भी किये गए थे लेकिन इतनी बड़ी कार्यवाही होने के बाद भी थाने का रंग ढंग नही बदला और दलालों के माध्यम से रिश्वत का नया नाटक चालू है।

दलाल की वजह से थाना अधिकारी बचेंगे :

स्थानीय जानकारों ने बताया कि थाना अधिकारियों ने यह नया पैंतरा अपने बचाव में खेला है ताकि जांच होने पर कोई आंच उन पर न आ सके, जांच में अगर कोई पकड़ा भी जाएगा तो दलाल ही इसको भुगतेगा।

दलाल दिन भर थाने में नजर आएगा :

अगर सतर्कता विभाग इस मामले पर संज्ञान ले तो परामपुरवा थाना मटौन्ध निवासी दलाल चौबीसों घण्टे थाना परिसर में पुलिस कर्मियों और थाना अधिकारियों की खुशामद करता नजर आ जायेगा, ताकि अधिकारियों की कृपा दृष्टि से उसकी दुकान चलती रहे।

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उदय बुलेटिन
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