गुरौली सपहाई गोलीकांड में यूपी पुलिस मुख्य कड़ी को छोड़ क्यों रही है? हथियार सप्लाई करने वाला खुल्ला घूम रहा है।

मामला उत्तर प्रदेश के बाँदा जिले में आने वाली देहात कोतवाली बबेरू क्षेत्र से जुड़ा हुआ है
गुरौली सपहाई गोलीकांड में यूपी पुलिस मुख्य कड़ी को छोड़ क्यों रही है? हथियार सप्लाई करने वाला खुल्ला घूम रहा है।
गुरौली सपहाई गोलीकांडGoogle Image

यूपी पुलिस पर आरोपियों को संरक्षण देने की बाते लंबे समय से चलती आ रही है लेकिन बाँदा जिले के बबेरू कस्बे में जांच में कोताही करके हथियार सप्लाई करने वाले लोगों को जांच के दायरे से बाहर क्यों रखा जा रहा है?

गोली कांड के आरोपी अंदर लेकिन हथियार देने वाला बाहर:

बबेरू कस्बे के गुरौली सपहाई गांव में बीते हफ्ते हुए गोलीकांड में कस्बे की कोतवाली में बड़ी कोताही सामने आ रही है। दरअसल गुरौली गांव में बीते हफ्ते खेत जोतने जा रहे युवा किसान सुरेंद्र शुक्ला के ऊपर बच्चा कुशवाहा ने अवैध 315 बोर के कट्टे से करीब 9-11 राउंड फायर किए थे चलाई गई गोली में से एक गोली सुरेंद्र को लगी जिसका इलाज झांसी के मेडिकल कालेज में चल रहा है।

गुरौली सपहाई गोलीकांड
खेत पर ट्रैक्टर लेकर जाते हुए युवक पर दबंग ने झोंका फायर, झांसी के लिए रेफेर
पुलिस सूत्रों द्वारा उपलब्ध जानकारी में गोली कांड में मुख्य आरोपी बच्चा पुत्र रामस्वरूप और रामस्वरूप ने पुलिस तहकीकात में यह जानकारी उपलब्ध कराई है कि मुझे अवैध असलहा गांव के ही एक व्यक्ति राधेश्याम तिवारी ने मुहैया कराया था ताकि घटना को अंजाम दिया जा सके।
गुरौली सपहाई गोलीकांड
बाँदा: गुरौली सपहाई गोलीकांड में नया खुलासा, गांव के ही राधेश्याम तिवारी ने मुहैया कराया था असलहा

पुलिस आरोपी के घर तक पहुँच रही:

मामले में गांव के लोगों ने उदय बुलेटिन को जानकारी दी कि गोलीकांड के आरोपियों के बयान पर बबेरू पुलिस राधेश्याम तिवारी के घर तक तो पहुँच रही है लेकिन कोई भी कानूनी कार्यवाही नहीं की जा रही। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस इस मामले में लीपापोती भी कर सकती है।

सनद रहे कि इस वक्त में वैसे भी यूपी पुलिस पर ला एंड ऑर्डर को लेकर तमाम आरोप लग रहे हैं। अगर पुलिस इस मामले में कड़ी कार्यवाही करके हथियार मुहैया कराने वाले के फुटप्रिंट तलाशे तो बहुत बड़ा हथियार सप्लाई करने वाला गिरोह पकड़ा जा सकता है। लेकिन सच तो यह है विभाग ही इस मामले को दूर से ही रफादफा कर देना चाहता है।

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उदय बुलेटिन
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