धार्मिक कट्टरता मुस्लिम धर्म गुरुओं पर किस कदर हावी है इसका जीता जागता नमूना इंतसार अली का मामला है

बागपत जिले के रमाला थाने में तैनात दरोगा इंतसार अली को मुस्लिम धर्म गुरुओं द्वारा धमकाया जा रहा है, देवबंद के उलेमाओं का कहना कि दाढ़ी कटवा कर दरोगा ने इस्लाम के खिलाफ काम किया है।
धार्मिक कट्टरता मुस्लिम धर्म गुरुओं पर किस कदर हावी है इसका जीता जागता नमूना इंतसार अली का मामला है
उप निरीक्षक इंतसार अलीTwitter

ज्ञात हो कि बागपत जिले अंतर्गत आने वाले थाने रमाला में तैनात थाना इंचार्ज इंतसार अली अपनी दाढ़ी को लेकर चर्चा में आये थे, उच्चाधिकारियों के बार-बार कहने पर जब दरोगा जी ने पुलिस ड्रेस कोड का अनुपालन नहीं किया तो विभाग को मजबूरी में आकर कार्यवाही करनी पड़ी, हालांकि बाद में दरोगा जी को मैनुअल की याद आयी और दाढ़ी कटाकर अपनी गलती स्वीकार की, लेकिन अब धार्मिक गुरु उलेमा इत्यादि इस मामले को कट्टरता का रंग देना शुरू कर चुके हैं।

देवबंदी उलेमाओं ने कहा "दाढ़ी काटना गलत, नौकरी छोड़ना जायज:

मामला बागपत जिले के दरोगा की दाढ़ी को लेकर है, विभागीय अधिकारियों द्वारा कार्यवाही के बाद दरोगा जी ने दाढ़ी तो कटवा ली लेकिन अब इस मामले पर देवबंद के उलेमा कूद कर अपनी कट्टरता की रोटियां सेंकने लगे है, दरअसल उलेमाओं ने अपने बयान इस बात पर जोर दिया है कि "अगर बात शरीयत और सुन्नत पर आती है तो नौकरी छोड़ देना बेहतर होता, दाढ़ी कटवा कर दरोगा ने इस्लाम के खिलाफ काम किया है।

ज्ञात हो कि बागपत के रमाला थाने में तैनात दरोगा इंतसार अली को एसपी ने अनुशासन हीनता के आरोपों के चलते सस्पेंड कर दिया था लेकिन अब दाढ़ी कटवाने और लिखित रूप में माफी मांगने के चलते सेवा में बहाल कर दिया गया है लेकिन अगर ऐसे ही बयान होते रहे तो ये दाढ़ी कांड का अंत होना मुश्किल नजर आता है।

दाढ़ी को लेकर डीजीपी ने जारी किए निर्देश:

उत्तर पुलिस के मुखिया ने बागपत के दाढ़ी कांड के मद्देजनर अब एक कड़ा निर्देश जारी किया है जिसमें डीजीपी ने उत्तर प्रदेश में फिल्मी स्टाइल की पुलिसिंग को सिरे से खारिज कर दिया है, वर्दी के साथ स्लीपर, गलत वर्दी, वर्दी के खुले हुए बटन और बिना मोजे के जूते पहनने को प्रतिबंधित कर दिया है, साथ ही सभी पुलिसकर्मियों को क्लीन शेव रहने के निर्देश जारी किए है इस मामले में केवल सिख्ख समुदाय के पुलिसकर्मियों को छूट देने की बात कही गयी है, इस निर्देश के दायरे में सिपाही से लेकर आईपीएस तक शामिल किए जाएंगे।

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उदय बुलेटिन
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