attack on swami pushpendra swaroop in punjab
attack on swami pushpendra swaroop in punjab|Uday Bulletin
देश

भारत में संतो पर हमले थम नहीं रहे, अब पंजाब में हुआ संत पर हमला 

अब भारत मे लोगों के निशाने पर संत है, पहले महाराष्ट्र के पालघर और अब पंजाब।

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

पंजाब में एक संत के आश्रम में घुसकर जानलेवा हमला किया गया। लोगों ने आरोप लगाया कि ये घटनाएं कांग्रेस शासित प्रदेशों में घट रही है लोग इसे राजनीतिक विद्वेष से जोड़कर देख रहे है।

पालघर के बाद पंजाब :

महाराष्ट्र में दो संतो की हत्या का मामला अभी शांत भी नही हुआ था कि पंजाब के एक प्रतिष्ठित संत के ऊपर जानलेवा हमला हो गया। शुक्रवार की रात तकरीबन 10 बजे दो लोग आश्रम की दीवार फांदकर आश्रम में घुस आए आश्रम के मुख्य महंत स्वामी पुष्पेंद्र उस समय आश्रम में अकेले थे। हमलावरों ने स्वामी पुष्पेंद्र के हाँथ पैरों को बांध कर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ जानलेवा वार किए ताकि मौत हो जाये। स्वामी ने यह आरोप लगाया कि उक्त हमलावर सिर्फ हत्या करने के मकसद से आश्रम आये थे लेकिन मामले को लूट का दिखाने के लिए आश्रम में रखी हुई नकदी और सोने के आभूषणों पर भी हाँथ साफ कर दिया।

सिर्फ हत्या था मकसद :

स्वामी पुष्पेंद्र के अनुसार हमलावरों का मुख्य मकसद मेरी हत्या करना था। क्योंकि जब उन्होंने मेरे हाँथ पैर बांधना शुरू किया तो मैंने उन्हें स्वयं पैसे और अन्य सामान ले जाने के लिए कहा।लेकिन उन्होंने ऐसा न करके पहले मुझे बेहोश होने तक पीटा और दोबारा होश में आने पर गला दबाया और धारदार हथियार से ताबड़तोड़ हमले किये। इस मामले को लेकर तमाम प्रकार के आरोप पंजाब सरकार पर लगाये जा रहे है।

#पालघर कांड के बाद अब पंजाब में संत #पुष्पेंद्र स्वरूप जी #महाराज पर हमला? ये कांग्रेस शासित राज्यो में ऐसी घटना क्यो हो रही है??

Posted by विक्की मित्तल on Friday, April 24, 2020

संत ही निशाने पर क्यों ?

इससे पहले महाराष्ट्र के पालघर में हुई संतो की हत्या ने देश को उबाल पर ला दिया है जिसकी वजह से कांग्रेस और अन्य राजनैतिक दलों पर तुष्टिकरण के आरोप लग रहे हैं इसके साथ ही पंजाब की यह घटना आग में घी डालने का काम करती हुई नजर आ रही है। लोगों के अनुसार धार्मिक विद्वेष के कारण संत समाज अब सरल निशाना बनते जा रहे हैं। जाहिर सी बात है कांग्रेस के बड़े नेतृत्व को इन घटनाओं के लिए नुकसान झेलना पड़ सकता है।

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उदय बुलेटिन
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