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 विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा
विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा|IANS
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अकाली दाल के नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने राहुल को दी चेतावनी, कमलनाथ मुख्यमंत्री बने तो चुप नहीं बैठेगें हम 

मनजिंदर सिंह सिरसा ने राहुल गांधी को चेतावनी दी कि सिख बहुत धैर्यवान हैं और उन्हें कमलनाथ को मुख्यमंत्री बनाने जैसे फैसले से उकसाना नहीं चाहिए।

AKANKSHA MISHRA

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नई दिल्ली: मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद मुख्यमंत्री पद के लिए संभावित उम्मीदवारों में खींचतान चल रही। कांग्रेस पार्टी के सांसद कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया मुख्य्मंत्री पद के प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। इसी के बीच कमलनाथ के मुख्यमंत्री बनने की मांग तेज हो उठी है। संभवतः कमलनाथ ही मध्य प्रदेह के अगले मुख्य मंत्री होगी। हालांकि मुख्य मंत्री पद की अधिकृत घोषणा अब तक नहीं हुए है। बवजूद कमलनाथ के मुख्यमंत्री बनने से पहली उनके खिलाफ अकाली दल ने राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन करने की आवाज उठाई है।

दरअसल अकाली दल के नेता व दिल्ली के विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा ने गुरुवार को कहा कि अगर कांग्रेस नेता कमलनाथ मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बने तो सिख इसके खिलाफ राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन करेंगे। सिरसा ने आरोप लगाया कि 1984 के सिख दंगों में कमलनाथ की भूमिका थी। सिरसा ने संवाददाताओं से कहा, "अगर मध्य प्रदेश में कमलनाथ को मुख्यमंत्री के रूप में चुना जाता है तो सिख राष्ट्रव्यापी विरोध करेंगे। राहुल गांधी को चेतावनी दे रहा हूं कि अगर वह 1984 के सिख नरसंहार के कसाईयों को पुरस्कृत करने की अपने परिवार की परंपरा का पालन करेंगे तो उन्हें सिखों के गुस्से का सामना करना होगा।"

कमलनाथ मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की दौड़ में आगे हैं जहां कांग्रेस ने 114 सीटों पर जीत हासिल की है लेकिन पूर्ण बहुमत से दो सीट दूर है। सिरसा ने कहा, "सिख समुदाय डरा नहीं है। हम कमलनाथ को उनके कृत्यों की सजा दिलाएंगे। कांग्रेस न्यायपालिका या सीबीआई को नियंत्रित कर सकती है लेकिन वह दोषियों की रक्षा नहीं कर सकती है।"

उन्होंने राहुल गांधी को चेतावनी दी कि सिख बहुत धैर्यवान हैं और उन्हें कमलनाथ को मुख्यमंत्री बनाने जैसे फैसले से उकसाना नहीं चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि 'इतिहास में दर्ज है कि जब किसी ने इस समुदाय के साथ शत्रुता दिखाई तो सिखों ने उन्हें उचित जवाब दिया है।'

आपको बता दें कि, भारत की पूर्व प्रथम महिला प्रधान मंत्री इंदिरा गाँधी के कार्यकाल के दौरान कमलनाथ केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। 1984 में हुए दंगों के दौरान कमलनाथ केंद्र सरकार में शामिल थे।