Heavy Hailstorm in Bundelkhand crops destroyed
Heavy Hailstorm in Bundelkhand crops destroyed|Uday Bulletin
देश

लालफीताशाही का नमूना: ओला गिरते देर नहीं हुई हुई और अधिकारियों ने शासन को 5% नुकसान की सूचना भेजी। 

अब इन हालातों में बुंदेलखंड के किसान आत्महत्या न करें तो क्या हीरा चाट ले ? 

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

Summary

अफसरों की मनमानी तो देखिए राजस्व विभाग के सूत्रों ने बताया कि विभाग से जुड़े हुए अधिकारियों ने बिना किसी सर्वेक्षण के ही नुकसान का आकलन करके शासन को रिपोर्ट भेज दी।

अफसरों की नाकारी तो देखिए :

किसी भी प्राकृतिक आपदा के वक्त सरकारी अमले की जवाबदेही निश्चित की जाती है लेकिन जब आराम तलबी अपने चरम पर हो तो फिर कुछ भी कहने से बचा जा सकता है क्योंकि जिन लेखपालों और तहसीलदार साहब को अपने बंगलो और मकान से निकलने की फुरसत नहीं है वही साहब सरकार को रिपोर्ट्स भेजने में लापरवाही नहीं करते और बिना किसी सर्वेक्षण के कुल पांच प्रतिशत फसल नुकसान की रिपोर्ट सरकार से साझा कर देते है।

मुआवजा क्या खाक मिलेगा :

सूत्रों की माने तो मुआवजे की रकम को किसानों तक पहुँचाना बेहद जटिल प्रक्रिया है। जिसमें लेखपालों और तहसीलदार की बहुत बड़ी भूमिका होती है और हर कदम पर किसानों का शोषण होता है, इसीलिए रकम को बांटने की झंझट से बचने के लिए बिना किसी मेहनत के सरकार को रिपोर्ट भेज दी है जबकि जमीनी स्तर पर बाँदा जिले समेत पूरे बुंदेलखंड में बेमौसम ओलो और बारिस ने किसानों को तवाह करके रख दिया है।

अब होगा बंदरबांट :

स्थानीय ग्रामीण किसानों ने रिपोर्ट भेजने के बाद होने वाले बंदरबांट की बहुत बड़ी आशंका जाहिर की है। किसानों के अनुसार जब तक हलके में आने वाले लेखपालों को चढ़ावा नही चढ़ाया जाएगा तब तक उन्हें सही मुआवजा नहीं मिल पायेगा। किसानों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उम्मीद जताई है कि वो दोषियों के खिलाफ जांच करा कर न्याय दिलाएंगे।

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उदय बुलेटिन
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