Banda Baberu News
Banda Baberu News|Uday Bulletin
देश

खेत पर ट्रैक्टर लेकर जाते हुए युवक पर दबंग ने झोंका फायर, झांसी के लिए रेफेर

उत्तर प्रदेश में अपराधी इतने बेखौफ हैं कि छोटी सी बात पर गोली मार देते हैं। योगी की पुलिस का डर नहीं अपराधियों को।

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

बाँदा जिले के कस्बे बबेरू अंतर्गत आने वाले गांव गुरौली सपहाई में सुरेंद्र शुक्ला उर्फ बउआ को गांव के ही दबंग युवक बच्चा कुशवाहा पुत्र रामस्वरूप कुशवाहा ने देशी कट्टे का फायर जान से मारने के इरादे से झोंक दिया। घायल सुरेंद्र को स्थानीय बबेरू सीएचसी में प्राथमिक चिकित्सा के बाद बाँदा जिला अस्पताल रिफर किया गया। जहाँ पर जांच पड़ताल में पता चला कि गोली सुरेंद्र के शरीर मे ही फंसी हुई है सो जिला अस्पताल ने संसाधन कम होने और सर्जन न होने का बहाना करके झांसी मेडिकल कालेज रेफेर कर दिया।

घायल सुरेंद्र के पिता जगदीश प्रसाद शुक्ला ने उदय बुलेटिन को बताया कि उसके पास उसके ही गांव का रामसागर कुशवाहा पुत्र अयोध्या कुशवाहा जगदीश शुक्ला के पास गया और खेत को धान की फसल के लिए अहली (जुताई) के लिए कहा। चूंकि जगदीश प्रसाद शुक्ला के पास खुद का स्वराज ट्रैक्टर है और जीवन यापन के लिए अन्य किसानों की खेती जोतते हैं। नतीजन सुबह का नाश्ता करके जगदीश शुक्ला का छोटा पुत्र सुरेंद्र उर्फ बउआ जुताई करने के लिए रामसागर के घर पहुँचा, जहाँ से उसे रामसागर को लेकर खेतों में जाना था। लेकिन तभी रामसागर कुशवाहा का ही भाई रामस्वरूप कुशवाहा और उसका पुत्र बच्चा कुशवाहा किसी बात को लेकर अपने भाई रामसागर से वाद विवाद करने लगा। चूंकि मामला जमीनी विवाद से जुड़ा था और रामस्वरूप कुशवाहा और उसके पुत्र बच्चा कुशवाहा ने ट्रैक्टर को अपने खेत से निकलने के लिए मना कर दिया। जिस पर सुरेंद्र शुक्ला उर्फ बउआ ने ट्रैक्टर को बंद कर दिया और कहा कि आप दोनों लोग मिलकर मामले का समाधान कर लो ताकि कोई विवाद न उठे और बउआ ट्रैक्टर से उतर कर बाहर जाने लगा।

पीछे से चलाई गोली:

जैसे ही बउआ ट्रैक्टर से उतर कर चलने लगा तभी रामस्वरूप ने अपने लड़के बच्चा को ललकारते हुए कहा कि ये मुख्य मुखिया है इसको गोली मार हरामखोर को यही सारी विवाद की जड़ है। इस पर रामस्वरूप के लड़के बच्चा ने अपनी छत पर से ही जान से मारने की नीयत से बउआ के ऊपर दो फायर झोंके जिसमे पहली गोली से बउआ ने किसी प्रकार खुद को बचा लिया लेकिन तभी दूसरा फायर बउआ के बाएं कंधे के नीचे लगा और बउआ गोली लगने की वजह से जमीन पर गिर पड़ा और तड़पने लगा। गोली चलने की वजह से घायल के पिता जगदीश शुक्ला और चाचा श्रवण शुक्ला मौके पर पहुँचे और बच्चे बउआ को जमीन पर गिरा हुआ पाया।

पकड़ने की कोशिश पर चलाई अंधाधुंध गोलियां:

मौके पर पहुंचने के बाद जगदीश और श्रवण कुमार ने सुरेंद्र उर्फ बउआ की जीवन रक्षा के लिए मोटरसाइकिल की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बबेरू पहुँचाने की कोशिश की उस दौरान गांव के लोगो ने गोली चलाने वाले बच्चा को पकड़ने की कोशिश की लेकिन बच्चा ने लोगों पर निशाना लगाकर करीब 9 राउंड फायर लोगों पर चलाये ताकि लोग उसके नजदीक न आये। इस पर सभी लोग बच्चा की गोलियों से बचते रहे।

पुलिस ने आरोपी को मय हथियार कब्जे में लिया:

मामले की जानकारी होने पर बबेरू कोतवाल ने फोर्स के साथ गांव को घेरा और आरोपी की तलाश की पुलिस ने बड़ी मशक्कत के बाद आरोपी पर कब्जा पाया और आरोपी के पास अवैध देशी .315 बोर का कट्टा, और कुछ जिंदा कारतूस के साथ कुछ खोखे भी बरामद किए।

बबेरू से बाँदा और बाँदा से झांसी:

घायल अवस्था मे बउआ को बबेरू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया जहां से प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल भेजा गया जहां पर परीक्षण के बाद यह पाया गया कि गोली सुरेंद्र की पसलियों की बगल की मांसपेशियों में फसी हुई है। जिसपर जिला अस्पताल ने संसाधन न होने और सर्जन न होने की स्थिति का हवाला देकर झांसी मेडिकल कालेज रिफर कर दिया। घटना के बाद सुरेंद्र की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

Medical Examination Report
X-Ray
Refer Letter
Police Complaint
Police Complaint

सबसे बड़ा सवाल, गोलियों का इतना जखीरा कैसे पाया:

इस मामले को लेकर पुलिस और पूरा गांव चिंता में है कि आखिर एक आम आदमी के पास इतने ज्यादा .315 बोर के कारतूस कैसे पहुँचे और आरोपी व्यक्ति के पास अवैध तमंचा कैसे पहुँचा? मामले की तहकीकात में सूत्रों के द्वारा यह जानकारी मिली है कि आरोपी बच्चा ने पुलिस की अभिरक्षा में कुबूला है कि उसको तमंचा गांव के ही एक तिवारी नामक व्यक्ति ने मुहैया कराया और कारतूसों के बारे में लगातार पूंछताछ की जा रही है।

उदय बुलेटिन के साथ फेसबुक और ट्विटर जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।

उदय बुलेटिन
www.udaybulletin.com