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उपभोक्ता अदालत
उपभोक्ता अदालत|Google Image
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उपभोक्ता अदालतों में खाली हैं 535 कुर्सियां, ‘शीघ्र भरे रिक्तियां’ केंद्र का राज्यों को आदेश 

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, देश भर में विभिन्न उपभोक्ता अदालतों में 5,03,949 मामले लंबित हैं।

AKANKSHA MISHRA

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नयी दिल्ली: केंद्र सरकार ने राज्यों से अपने अपने यहां प्रदेश एवं जिला स्तरीय उपभोक्ता मंचों में रिक्त पदों को भरने के लिये उच्चतम न्यायालय द्वारा स्वीकृत नियुक्ति के आदर्श नियमों को जल्द से जल्द अधिसूचित करने का अग्रह किया है। राज्यों में ऐसे करीब करीब 535 पद रिक्त हैं और सरकार चाहती है कि इनकी भर्ती शीघ्राति शीघ्र हो।

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के एक अधिकारी ने सोमवार को कहा, ‘‘ ये आदर्श नियम को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भेजे जा चुके हैं। पंजाब, तमिलनाडु और राजस्थान ने उन्हें अधिसूचित भी कर दिया है। ’’

उच्चतम न्यायालय ने राज्य उपभोक्ता आयोगों तथा जिला उपभोक्ता मंचों के सदस्यों एवं अध्यक्षों की नियुक्ति, वेतनमान और सेवा शर्तों के संबंध में आदर्श नियमों को मई में मंजूरी दी। इन नियमों का मसौदा सरकार ने तय किया था। अधिकारी ने बताया कि अन्य राज्यों को नियमों की अधिसूचना जारी करने पर त्वरित कदम उठाने के लिये कहा गया है।

उल्लेखनीय है कि पुदुचेरी राज्य आयोग में अध्यक्ष का पद खाली है। विभिन्न राज्यों में प्रदेश स्तरीय मंच के सदस्यों के 34 पद खाली हैं। इनमें सर्वाधिक रिक्तियां उत्तर प्रदेश में हैं। जिला उपभोक्ता मंचों अध्यक्ष के 104 पद तथा सदस्यों के 416 पद रिक्त हैं।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, देश भर में विभिन्न उपभोक्ता अदालतों में 5,03,949 मामले लंबित हैं।

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ऐसे कर सकते हैं उपभोक्ता अदालत में शिकायत

  • वे सभी व्यक्ति जिन्होंने पैसे का भुगतान करके वस्तुएं या सेवाएं खरीदी हैं ,वे सभी उपभोक्ता अदालत में शिकायत कर सकते हैं।
  • अगर व्यक्ति ने स्वयं वस्तु नहीं खरीदी हो बल्कि दुकानदार की सलाह के मुताबिक उसका उपयोग किया हो तो वो शिकायत कर सकते है।
  • वस्तु उपभोग करने के लिए खरीदा हो, न कि पुनर्विक्रय या व्यवसायिक उद्देश्य के लिए हो।
  • व्यक्ति जो माल अथवा सेवाओं का लाभार्थी हो वो शिकायत कर सकता है।
  • उपभोक्ता के रिश्तेदार।
  • शिकायत यदि 20 लाख से 1 करोड़ रुपए से कम है तो शिकायत‍ राज्य उपभोक्ता फोरम में की जा सकती है।
  • 1 करोड़ से अधिक के मामले में शिकायत का निपटारा राष्ट्रीय उपभोक्ता फोन में किया जा सकता है।