Farrukhabad Children Hostage
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सनकी ने बच्चों को अगवा कर पुलिस से की मुठभेड़, आखिर में मारा गया।

जैसे ही आरोपी ने एक बच्ची को अपनी पत्नी रूबी के साथ बाहर भेजा, भीड़ भी आरोपी की तरह हिंसक हो गयी और पीट-पीट कर आरोपी की पत्नी की हत्या कर दी। 

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

गुरुवार का दिन फर्रुखाबाद के लिए बेहद ड्रामे और दहशत से भरा रहा, लोगों के दिमाग मे यह सवाल था कि आखिर इन बच्चों का क्या होगा? क्योंकि आरोपी बच्चों की सामूहिक हत्या करने की लगातार धमकियां दे रहा था, आइए आपको इस मामले की सिलसिलेवार घटनाएं बताते है..

कैसे और कहाँ से शुरू हुआ मामला :

फर्रुखाबाद जिले का कठेरिया गांव जहां के निवासी सुभाष बाथम ने अपने बच्चे के जन्मदिन के बहाने आस-पास के करीब 23 बच्चों को घर बुलाकर बंधक बना लिया और लोगों के द्वारा बच्चों को छुड़ाने की कोशिश पर गोलीबारी शुरू कर दी, बात यहीं तक सीमित नहीं रही बल्कि सुभाष ने देसी हैंडग्रेनेड का प्रयोग भी किया जिसके चलते कई पुलिसकर्मियों सहित अधिकारी भी गंभीर रूप से जख्मी हुए।

पहला मोर्चा डायल 112 ने संभाला :

जैसे ही स्थानीय लोगों को जानकारी हुई कि उनके बच्चों को सुभाष द्वारा बंधक बनाया गया है तो ग्रामीणों ने सबसे पहले पुलिस की 112 सहायता पर सम्पर्क किया। पुलिस ने आरोपी से बात करनी चाहीं लेकिन जब आरोपी ने स्थानीय विधायक से बात करने की मांग की तो पुलिस द्वारा बच्चों की सुरक्षा के लिए विधायक को घटनास्थल पर लाया गया, फिर अचानक सुभाष ने बात करने से मना कर दिया। तभी विधायक के साथ आये एक व्यक्ति जो सुभाष को पहचानता था, उसने मिलने की कोशिश की, लेकिन आरोपी सुभाष ने उस पर फायर झोंक दिया, गोली उक्त व्यक्ति के पैर पर लगी और वह वहीँ गिर गया, किसी तरह से पुलिस ने उसे खींचा और जिला पुलिस अधीक्षक को इस मामले से अवगत कराया।

जिला पुलिस के साथ एटीएस ने भी मोर्चाबंदी की :

चूंकि मामला 23 अबोध बच्चों की जान का था, इसलिए पुलिस किसी भी स्थिति में कोई ऐसा कदम नहीं उठाना चाहती थी जिससे बच्चों पर कोई संकट आ सके, पुलिस लगातार आरोपी से बच्चों को संवेदना और मासूमियत का हवाला देकर छोड़ने की बात कर रही थी। तभी आरोपी ने पुलिस और जनता पर निशाना बनाकर लगातार फायर किए जिससे कुछ लोगों को गोलियां भी लगी। इस पर एटीएस और पुलिस ने भी सधे हुए क्रम में हल्के फायर किए।

इसी दौरान एक अजीब सी स्थिति हुई जब आरोपी सुभाष ने एक साल की एक बच्ची जो कि बंधक बनाई गई थी उसे अपनी पत्नी रूबी के साथ बाहर भेजा, पुलिस ने बच्ची को महिला के हांथो से लेकर परिजनों को सौपा तभी भीड़ आरोपी की पत्नी रूबी पर टूट पड़ी।

पुलिस ने बताया कि महिला के शरीर पर बुलेट इंजरी भी पायी गयी, जो सम्भवता पुलिस फायरिंग से हुई होगी, हो सकता है सुभाष पत्नी को ढाल के तौर पर इस्तेमाल कर रहा हो, इसके बाद पुलिस ने रूबी को अस्पताल भेजा और महिला से जानकारी प्राप्त करके आरोपी सुभाष पर आखिरी हमले का प्लान बनाया और ऐसा हुआ भी, कुछ ही देर बाद स्थानीय पुलिस और एटीएस के संयुक्त फायरिंग में आरोपी संतोष बाथम ढेर कर दिया गया, वही हेड और बुलेट इंजरी के कारण आरोपी सुभाष की पत्नी रूबी की भी सुबह होते-होते मौत हो गयी।

योगी सरकार ने मौके पर एनएसजी की टुकड़ी भी भेज दी थी :

सरकार को यह अंदेशा था कि आरोपी बच्चों के साथ कोई अनहोनी न कर दे इसलिए योगी सरकार ने एनएसजी की एक टुकड़ी विशेष विमान के माध्यम से फर्रुखाबाद भेज दी थी, हालांकि यूपीएटीएस और स्थानीय पुलिस ने उसे पहले ही सुभाष को खामोश कर दिया, और सभी बच्चे सही सलामत बाहर निकाले गए।

हत्या का आरोपी था सुभाष बाथम :

सनद रहे कि आरोपी ने इस असमाजिक वारदात को पहली बार अंजाम नहीं दिया बल्कि इससे पहले भी वह एक हत्या को अंजाम दे चुका था, आरोपी सुभाष को उम्रकैद की सजा भी सुनाई गई थी, लेकिन इस वक्त वह कोर्ट से जमानत पर रिहा किया गया था, हत्या में फंसाये जाने के कारण वह स्थानीय लोगों से बदला लेना चाहता था इसलिए संतोष ने इस घटना को अंजाम दिया।

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उदय बुलेटिन
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