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प्रतीकात्मक चित्र
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देश

पेड़ पर कील ठोककर अगर टांगी होर्डिंग, समझो आप जेल में मिलोगे ! 

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

Summary

खासकर महानगरों और शहरो में एक अजब चलन है ,जिसमे सड़क किनारे के लगे लगभग सभी पेड़ो पर कभी 50% ऑफ का प्रचार, कोचिंग, हेयर सैलून, दुकान का गजब का विज्ञापन तैयार किया जाता है, तो अब सावधान होने की जरूरत है, गौर फरमाइयेगा की चेन्नई में अब इस मुद्दे को बेहद संजीदगी से लेते हुए, इस प्रकार की प्रचार सामग्री जो कीलों के जरिये पेड़ो पर ठोका गया है, उसे 10 दिन में उतार कर अपने घर मे रखने का निर्देश दिया गया है, और यह भी अधिसूचना जारी की गई है कि अगर 10 दिनों के बाद किसी भी प्रकार की प्रचार सामग्री किसी भी पेड़ पर ठुकी हुई मिली तो आपको 3 साल के लिए जेल में ठूंस दिया जा सकता है, जिसका पूरा का पूरा दारोमदार उसी विज्ञापन के मालिक का होगा।

मामला क्या है:

चेन्नई में ग्रेटर चेन्नई ग्रीन कारपोरेशन नाम की संस्था है जो इस स्थान को हरा-भरा रखने में मदद करती है, को इस बाबत कई शिकायतें मिल रही थी कि लोग पेड़ो पर लाइट, झालर, छोटे-छोटे कट आउट लगाकर अपने प्रचार का जुगाड़ करते है जो हर प्रकार से पेड़ो को नुकसान पहुचा रही है , इस बाबत इस संस्था ने इस प्रकार के मामले में पकड़े जाने पर 25000 रुपये तक का जुर्माना और 3 साल तक की सजा का प्रावधान रखा है, इससे हरियाली को लंबे समय तक जिंदा रखने में मदद मिलेगी।

शुरुआत कैसे हुई :

दरअसल किसी समाजसेवी व्यक्ति ने इस प्रकार के कार्य को लेकर मद्रास हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी, जिसमे कोर्ट को यह बताया गया था कि सम्बंधित कारपोरेशन और पुलिस विभाग इस मामले को न तो गंभीरता से ले रहे है और न ही इनपर कोई रोक लगा पाए है, इस पर मद्रास हाईकोर्ट ने ग्रेटर चेन्नई ग्रीन कार्पोरेशन  को अपना जवाब (हलफनामा) दायर करने को कहा था, इस पर उक्त कारपोरेशन ने न सिर्फ जवाब दायर किया बल्कि यह दिशा निर्देश भी जारी कर दिया है, कारपोरेशन ने लोगो से अपील भी की इस प्रकार की कोई शिकायत की जानकारी लोग कारपोरेशन की वेबसाइट और एप पर भी शेयर कर सकते है।