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Electricity Crises in Hamirpur UP
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देश

DVVNL के कर्मचारियो में खुद वैचारिक मतभेद , एक दूसरे को जानकारी देना भी मुनासिब नहीं

शर्मा जी मस्त, बिजली अस्त

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

Summary

उत्तर प्रदेश के सभी सरकारी डिपार्टमेंट आजकल अपनी अंधेरगर्दी पर कायम है और इसमे भी DVVNL सबसे ज्यादा मजाक के मूड में है, आमजनता तो ठीक है, खुद कर्मचारी भी इससे आहत नजर आ रहे है, ताजा मामला हमीरपुर में सामने आया है........

मामला कुछ इस तरह है कि उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में आने वाले बड़े गांव इचौली के प्रख्यात छात्र नेता सौरभ मिश्रा ने अंधाधुंध कटौती और मनमर्जी के खिलाफ पावर हाउस में फोन करके जानकारी लेनी चाही, जिस पर छिमौली सब स्टेशन(33/11) के ऑपरेटर (एसएचओ) ने  यह बताया कि ऊपरी आदेश के कारण रोस्टिंग (वैधानिक या नियमित) कटौती जारी है, हालांकि छिमौली पावर हाउस से बात करने से पहले सौरभ मिश्रा ने क्षेत्र से बड़े पावर हाउस भरुआ में फोन करके जानकारी ली थी, और वहां तैनात कर्मचारी ने यह बताया था कि रोस्टिंग खत्म हो चुकी है

सौरभ और बिजली कर्मचारियों के बीच हुयी बातचीत का ऑडियो:

मामला यहां बदल गया:

छात्र नेता सौरभ ने जब छिमौली सब स्टेशन में यह जानकारी दी कि भरुआ पावर स्टेशन में उन्हें रोस्टिंग खत्म होने की जानकारी दी है तो तैनात कर्मचारी ने सौरभ से भरुआ में तैनाथ विद्युत कर्मी को कांफ्रेंस में लेने के लिए कहा, दोनो जिम्मेदार व्यक्ति अपनी अपनी बातों पर अड़े रहे, मामला कुछ इस तरह समझ आया कि विभाग बिजली कटौती के लिए तो सब जगह बराबर सूचना प्रसारित कर देता है लेकिन लाइट के शुरू करने के लिए कही कोई जानकारी नही भेजी जाती

इस मामले को लेकर छिमौली सब स्टेशन पर तैनात कर्मी ने इस मामले को अधिकारियों की मनमर्जी बताया और कहा कि जब उनका मन होता है चाहें रात के बारह बजे हो या एक, आदेश पारित होता है और हमे लाइट काटनी पड़ती है, जबकि जनता अपनी तकलीफ के लिए हमे जिम्मेदार मानती है, असल समस्या अफसरशाही में छुपी हुई है,जिनको आमजन की तकलीफों से कोई लेना देना नही है,

ऐसा ही वाकया बाँदा के भूरागढ़ सब स्टेशन में सामने आया था जिसके बारे में उदय बुलेटिन द्वारा लगातार रिपोर्टिंग की जा रही है, लेकिन ये हालात बाँदा और हमीरपुर तक सीमित नही है, उत्तर प्रदेश के हर ग्रामीण इलाके में 18 घंटे बिजली दने की कवायद का लॉलीपॉप पकड़ा कर मात्र 8 घंटे बिजली मुहैया कराई जा रही है,जिसका शुभाशुभ परिणाम जनता को भोगना पड रहा है