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Electricity Power Cut in Banda
Electricity Power Cut in Banda|Uday Bulletin
देश

बाँदा: जनता तो जनता,खुद बिजली विभाग के कर्मचारी अपने सिस्टम से नाराज नजर आ रहे हैं

बिजली विभाग का नया कारनामा , रात बारह बजे अघोषित कटौती

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

Summary

अगर आप उत्तर प्रदेश में है और रात में सोने का शग़ल रखते है तो आपको किसी पडोसी राज्य में एक कमरा बनवाना या फिर 3-4 बैटरी वाला इनवर्टर इंस्टाल कराना होगा , क्योकि इन दिनों उत्तर प्रदेश के बिजली विभाग के हालात कुछ ठीक नही है, एक ओर जहां ऊर्जा मंत्री श्री कांत शर्मा और उत्तर प्रदेश सरकार अपनी उपलब्धियों को गिनाने से नही थकती , वही बिजली कंपनियों का सिस्टम सरकार को शर्म करने पर मजबूर कर रहा है, यहाँ सरकार की नाकामी मानी जाय या फिर बिजली विभाग की मटरगश्ती?

मामला उत्तर प्रदेश के बाँदा जिले का है , जहाँ मटौन्ध ग्रामीण क्षेत्र और औद्योगिक क्षेत्र को बिजली सप्लाई दक्षिणांचल विधुत वितरण निगम लिमिटेड (DVVNL) द्वारा की जाती है, लेकिन विगत कुछ वर्ष से यहाँ के उपभोक्ताओं को बड़ी किल्लत से जूझना पड़ रहा है, एक ओर  यूनिट दर यूनिट मंहगी होती बिजली लोगों के मन मे तकलीफ का माहौल उत्पन्न कर रही है वहीं विभाग बिजली न देने पर उतारू है

बिजली कटौती के नाम पर दिन में 8 से 12 घंटे रोजाना आने वाले फाल्ट और कटौती के नाम लोगों को इस से दूर रखा जा रहा है, इस  बाबत जब हमारे विशेष संवाददाता ने एक उपभोक्ता की तरह पावर हाउस में सम्पर्क किया तो  पावर हाउस के ऑपरेटर ने इस बाबत जानकारी दी कि ऊपर से आदेश आने के बाद बिजली काट दी गयी है।

बातचीत का ऑडियो :

विशेष संवाददाता के द्वारा बिजली रोस्टिंग के बारे में ज्यादा जानकारी मांगने पर ऑपरेटर ने बताया कि हमे ऊपर से सप्लाई काटने के लिए आदेश आता है, और यह कटौती रात में 11:50 से लेकर 12 :50 तक थी, जो ग्रामीण इलाके के लिए बेहद कष्टदायक है,

हालकि इस बारे में ऑपरेटर ने भी यह कहा कि" यह बेहद गलत है, ग्रामीण इलाके में देश की बेहद गरीब जनता निवास करती है, और बिल चुकाने के बाद भी अगर ग्रामीण रात में सो नही सकता तो यह दुर्भाग्य ही कहा जायेगा, लेकिन हमारे सामने अब समस्या आदेश की है , अगर हमारे सामने ऊपर से आदेश आता है तो हमे सप्लाई काटनी ही पड़ती है, "

अब जब ग्रामीणों की समस्या विभाग के ऑपरेटर को समझ मे आ सकती है तो विभाग के उच्चाधिकारियों को क्यो नही?

DVVNL की लापरवाही सिर्फ समय पर बिजली उपलब्ध न कराने तक सीमित नही रहती, कुछ दिनों पूर्व शहर और पावर हाउस के नजदीक स्थित गांव में एक दलित महिला द्वारा DVVNL के कर्मचारियों पर अभद्रता करने और बेइज्जत करने का मुकदमा पंजीकृत कराया गया था,जिस पर विभागीय और पुलिस जांच जारी है।