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लॉन्चिंग से पहले आखिर क्यों होने लगी योगी सरकार के ऐप की बुराई ?

क्या आपको लगता है कि योगी सरकार द्वारा शिक्षा जगत में सुधार के लिए उठाया गया ये स्मार्ट कदम कामयाब हो पाएगा।

Puja Kumari

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5 सितंबर शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है, पर इस बार यूपी में शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य पर सरकार कुछ नया करने जा रही है। आपको यह तो पता ही होगा कि आजकल यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राज्य की शिक्षा व स्वास्थ्य व्यवस्था दोनों को दुरूस्त करने में लगे हुए हैं, जिसमें शिक्षा व्यवस्था के विकास के लिए एक ऐप के लॉन्चिंग का विचार बनाया गया है। आप यह सोच रहे होंगे कि भला किसी ऐप के जरिए प्रदेश की शिक्षा का किस हद तक विकास हो पाएगा ?

लेकिन योगी सरकार का मानना है कि इसके जरिए वो कई चीजों को दुरूस्त कर सकती है। दरअसल जिस ऐप को सरकार लॉन्च करने जा रही है उसका नाम 'Prerna App' है। वैसे अगर इसे प्ले स्टोर से डाउनलोड करने के लिए जाएंगे तो लॉन्चिंग से पहले ही इसके बुरे रिव्यू पढ़ने को मिल जाएंगे। अब ऐसा क्यों है और सरकार के लिए यह कैसे बेहतर है ? इन सवालों का जवाब आपको मिल जाएगा।

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क्या होगा इस ऐप का काम, कैसे सुधरेगी शिक्षा व्यवस्था

योगी सरकार काफी सोच विचार करने के बाद शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव लाने के लिए ये कदम उठाने जा रही है। सरकार का मानना है कि इस ऐप के आने से शिक्षा व्यवस्था में कई सारे सुधार हो सकते हैं। इस ऐप के आने के बाद किसी भी टीचर को दिनभर में कुछ कुछ समय अंतराल पर कुल 3 बार सेल्फी लेकर इसपर अपलोड करनी है ताकि समझ आ सके कि वो अपनी ड्यूटी सही से कर रहे हैं। इसी ऐप पर बच्चों के भी अटेंडेंस लगेंगे इसके अलावा उनके स्कूल से जाने तक की तस्वीरें अपलोड की जाएंगी।

ऐप के माध्यम से अन्य कई कार्य जो कि सरकारी स्कूलों में किए जाते हैं जैसे मिड डे मील देने की प्रक्रिया से लेकर तमाम चीजों को भी इस ऐप पर अपलोड किया जाएगा। इस ऐप पर अपलोड किए गए सभी डाटा का निरीक्षण लखनऊ में बैठे अधिकारी करेंगें। देखना ये होगा कि शिक्षा जगत में सरकार द्वारा उठाया गया ये स्मार्ट कदम किस हद तक कामयाब होता है और यूपी की शिक्षा व्यवस्था में किस हद तक सुधार हो सकता है।

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क्यों हो रही है इतनी बुराई

अब कई लोग यह भी सोच रहे हैं कि जब ये ऐप लॉन्च ही अभी तक नहीं हुआ है तो इसकी बुराई क्यों होने लगी। तो शिक्षकों का कहना है कि पहले से ही स्कूल में कई सारे काम है लेकिन इस ऐप के आने से अन्य कई सारे काम बढ़ जाएंगे। शिक्षकों का कहना है कि इस ऐप में डाटा अपलोड करने में ही व्यस्त रहेंगे तो बच्चों को शिक्षा कौन देगा ?

वहीं सेल्फी अपलोड करने वाली बात से सबसे ज्यादा परेशानी महिला शिक्षकों को हो रही है। उनका कहना है कि उनको पता ही नहीं है कि ये तस्वीरें अपलोड करने के बाद कहां जाएंगी और उन्हें अपनी प्राइवेसी को लेकर डर है। वैसे अंदाजा तो यह भी लगाया जा रहा है कि अगर सरकार ये ऐप लॉन्च करती है तो हो सकता है कि शिक्षक इसके विरोध में आंदोलन करें। शायद यही वजह है कि प्ले स्टोर पर इस ऐप को रेटिंग में 1 स्टार मिला है।