उदय बुलेटिन
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क्या है GDP, इसके गिरने से क्यों हो रही सरकार को टेंशन

आज हमारे देश की अर्थव्यवस्था जिस मोड़ पर आकर खड़ी हो गई है इस बात का अंदाजा पहले ही लगाया जा चुका था

Puja Kumari

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Summary

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा था कि सरकार जो नए नियम लागू कर रही है इसका असर अर्थव्यवस्था पर गहरा पड़ेगा।

पूरे देशभर में मंदी की बातें लगातार हो रही हैं वहीं यह भी कहा जा रहा है कि सरकार अपना काम सही से नहीं कर रही है। ये सारी बातें इसलिए हो रही हैं क्योंकि बीते दिन इसका शिकार कई कंपनियों और कर्मचारियों को होना पड़ा। इस बात में कोई दो राय नहीं है की इस समय भारतीय अर्थव्यवस्था अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रही है। जनता का कहना है कि सरकार को इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करना चाहिए, वहीं दूसरी ओर परिस्थिति को समझते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कई बैंकों का विलय किया है लेकिन क्या इससे स्थिति सुधर जाएगी?

मोदी ने मनमोहन सिंह का उड़ाया था मजाक

यह भी बता दें कि ये कोई अचानक आने वाला खतरा नहीं है बल्कि इस बात का अंदाजा पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से 3 साल पहले ही कर दी थी। लेकिन उस दौरान मोदी सरकार ने पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के इस अंदाजे का मजाक उड़ाया था। मनमोहन सिंह ने कहा था कि इस फैसले से जीडीपी में करीब 2 प्रतिशत गिरावट आएगी या उससे ज्यादा भी सरकार के इन नए नियमों से आने वाले समय में जनता को काफी हानी होगी। मनमोहन सिंह ने नोटबंदी को मान्यमेंटल मिसमैनेजमेंट बताया।

वहीं अरूण जेटली ने इसे अर्थव्यवस्था के लिए सही बताया। यह बात तब की है जब मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसलों का विरोध विपक्ष पार्टी कर रही थीं और इसी बात को लेकर राज्यसभा में भी काफी हंगामा मचा हुआ था। मोदी ने राज्यसभा में कहा था मनमोहन सिंह से काफी कुछ सिखना चाहिए, क्योंकि इतने कांड होने के बावजूद उनपर एक भी दाग नहीं लगा, मोदी ने तो तंज कसते हुए यह भी कह दिया था कि बाथरूम में रेन कोट पहनकर नहाना कोई मनमोहन सिंह से सिखे। अफसोस तो इस बात की है कि लोगों को अब जाकर यह बात याद आ रही है जब 5 ट्रिलियन का सपना खोखला नजर आने लगा।

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GDP Growth

क्या होती है GDP

GDP यानि Gross Domestic Product (सकल घरेलू उत्पाद) इसकी गिनती भारतीय अर्थवयव्स्था में हर 3 माह में की जाती है। इसके जरिए पता किया जाता है कि देश का कुल उत्पादन बिते 3 माह में कितना रहा अधिक या फिर कम। ये मुख्यत: कृषि उद्योग व सेवा पर ही निर्भर करता है जिसके आधार पर GDP का आंकड़ा तैयार किया जाता है। इसमें कुल निर्यात में से कुल आयात को घटाया जाता है और बचे हुए रकम को देश में खर्च हुए रकम से घटाया जाता है फिर जो आंकड़ा निकलता है वो देश की GDP का निर्माण करती है।

क्या सच हो गई मनमोहन सिंह की भविष्यवाणी

हाल ही में जो रिपोर्ट सामने आई है उसे देखने के बाद मोदी सरकार का टेंशन और भी ज्यादा बढ़ गया, बढ़ना वाजिब भी है क्योंकि 30 अगस्त को GDP Growth के जो आँकङे सामने आए वो गिरकर 5 प्रतिशत पर आ गया हैं जो कि पिछले 6 साल में सबसे लोएस्ट है और बात करें Nominal GDP Growth की तो वो 8 प्रतिशत हो गया है जो की 17 सालो में ऐसा हुआ है। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि मनमोहन सिंह की भविष्यवाणी सही थीं और इस प्वॉइंट पर पीएम मोदी को उन्हें सीरियसली लेना चाहिए था।