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राजबाबू सिंह
राजबाबू सिंह|Social Media
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इंटरस्टेट पुलिस को-ऑर्डिनेशन मीटिंग से बदलेगी पुलिस की स्थिति, राजबाबू सिंह हुए मीडिया से मुखातिब

अब जुर्म करके andदूसरे प्रदेशों में नहीं छुप सकेंगें अपराधी 

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

चाहे वह मध्य प्रदेश पुलिस हो या उत्तर प्रदेश पुलिस या फिर राजस्थान पुलिस , इन तीनों प्रदेशों की पुलिस के लिए सबसे बड़ी समस्या यह है कि पुलिस अलग-अलग राज्यों की होने की वजह से आपसी संचार और सहयोग नहीं प्राप्त कर पाती जिसकी वजह से आम आदमी को न सिर्फ न्याय पाने में असुविधा होती है बल्कि अपराधी इन राज्यों में अपनी जगह लगातार बदल कर पुलिस को चकमा देने में सफल रहते है।

लेकिन अब लगता है पुलिस ने इन समस्याओं से निजात पाने के लिए आपसी सहयोग की नई मुहिम छेड़ दी है ,जिसमें राजस्थान ,मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों और जोनों जैसे कि ग्वालियर, झांसी ,धौलपुर इत्यादि के डीआईजी और पुलिस अधीक्षक की मीटिंग में इन समस्याओं के निराकरण के लिए ठोस कदम उठाये गए।

मसलन अपराधियों के दूसरे स्टेट में भाग जाने, वोमेन ट्रैफिकिंग, आदतन अपराधियों के दूसरे प्रदेशों से रिहाई के बाद नजर रखे जाने जाइए मुश्किल काम भी शामिल होंगे।

रोजमर्रा के जरूरी पुलिसिंग काम के लिए, आपसी ताल मेल के लिए इन सीमावर्ती जिलों के पुलिस अधिकारियों के व्हाट्सएप ग्रुप जैसे सराहनीय काम इस दिशा में ठोस कदम साबित होंगे।

अपराध करके दूसरे प्रदेश में छिपना अब मुश्किल काम

चंबल क्षेत्र इस तरह के कामों के लिए बेहद प्रसिद्ध रहा है जहाँ उत्तर प्रदेश के अपराधी अधिकतर उत्तर प्रदेश में अपराध करके राजस्थान और मध्यप्रदेश की शरण मे जाकर छुप जाते थे, और पुलिस के अंतरराज्यीय अनौपचारिक तालमेल सहज न होने के कारण सालों-साल अपराधी ऐसे ही गुजार देते थे। लेकिन अब यह सब बेहद आसान नहीं होगा। सीमावर्ती जिलों की पुलिस आपस मे बेहद क्लोज रहेगी, जिसकी वजह से अपराधियों के गायब होने से निजात मिलेगी।