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चमत्कार या कुछ और ? बाइस साल पहले दफनाया गया शव सही सलामत कैसे ?

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

कभी-कभी कुछ घटनाएं विज्ञान को भी भौचक्का कर देती है, जिनके सांमने विज्ञान के नियम, पैमाने  धरे के धरे रह जाते है, कुछ ऐसा ही वाकया बाँदा जिले के बबेरू कस्बे में सांमने आया है, जहां बाइस साल पहले दफनाए गए व्यक्ति का शव कब्र से सही सलामत निकला इस मामले की जानकारी होने पर लोगो का हुजूम जुट गया

बात करीब बाइस साल पहले की है नसीर अहमद वल्द अलाउद्दीन निवास मुकाम कोर्रही बबेरू में हज्जाम और नाई की दुकान किये थे, उनके कोई संतान न होने के कारण उनका आखिरी वक्त उनके भतीजों के पास ही बीता, और मौत के बाद सारी रस्म अदायगी भतीजों द्वारा ही पूरी की गई, 21 अगस्त से बबेरू कस्बे में लगातार बारिश शुरू थी जिसकी वजह से कब्रिस्तान में चारो ओर जलभराव हो चुका था और कुछ कब्रो की मिट्टी हट चुकी थी, और इसी क्रम में जब एक जनाजे की मिट्टी हटी तो कमेटी ने उसे दोबारा बाइज्जत दफनाने की कोशिश की और लिखित दस्तावेजों से पता लगाया कि आखिर यह जनाजा किस शख्स का है, लेकिन जब जानकारी मिली तो लोगो के आश्चर्य का ठिकाना नही रहा कि आखिर बाइस साल तक कोई लाश इतनी अच्छी हालात में कैसे रह सकती है?

लाश के परिजनों को बुलाकर तस्दीक कराया गया तो यह सांमने आया कि है यह नसीर का ही शरीर है, देखने वाली बात यह थी कि न तो शरीर मे कोई विकृति आयी थी न ही कफन पर कोई ख़राबी आयी थी,

मामले की जानकारी मिलते ही कब्रिस्तान के आस-पास लोगो का हुजूम जमा हो गया , लोग इस चमत्कार को देखने के लिए परेशान थे, सारी रस्म अदायगी के बाद लाश को दोबारा सुपुर्दे खाक कर दिया गया, कस्बे में यह मामला चर्चे का विषय है।