उदय बुलेटिन
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देश

Independence Day 2019: हमारे तिरंगे झंडे से जुडी ये खास बातें नहीं जानते होंगे आप 

आखिर पीएम ही क्यों स्वतंत्रता दिवस पर फहराते हैं झंडा ? 

AKANKSHA MISHRA

AKANKSHA MISHRA

आज 15 अगस्त 2019 के दिन हमारे देश को आजाद हुए 73 साल हो गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज लाल किले की प्राचीर से हमारा राष्ट्रीय झंडा तिरंगा फहराएंगे और देश को संबोधित करेंगे। यहां प्रधानमंत्री देश के गौरवशाली इतिहास और हमारी देश की अखंडता को नमन करेंगे। हमारा तिरंगा जोकि हमारी एकता, हमारी संस्कृति, हमारी अखंडता की पहचान है उसे सलामी दी जाएगी। हमारा तिरंगा जो बतलाता है कि श्रीनगर से लेकर कन्याकुमारी तक और राजस्थान से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक भारत एक सूत्र में बंधा है। हमारा झंडा देश की अनेकता में एकता का प्रतीक है। ये झंडा ही तो हैं जिसकी छाँव में हम सुरक्षित महसूस करते हैं। यह हिन्दू, मुस्लिम, सिख और ईसाई किसी से उसके धर्म को नहीं पूछता बस अपनी शीतल छाँव देता है। देश में धर्मों और जातियों के बीच कितने भी मतभेद क्यों ना हो लेकिन जब बात तिरंगे की आती है तो हम सभी मतभेदों को भूलकर तिरंगे के नीचे एक सूत्र में बंध जाते हैं। हमारा तिरंगा हमारी पहचान है।

क्या कहता है हमारे तिरंगे का रंग

  • हमारा तिरंगा केसरिया, सफ़ेद और हरे रंग से मिलकर बना है, जो बहुत कुछ कहता है।
  • केसरिया रंग बलिदान, शक्ति, साहस, ताकत औऱ त्याग का प्रतीक है।
  • सफ़ेद रंग सच्चाई,पवित्रतता और शांति का प्रतीक है।
  • हरा रंग संपन्नता का प्रतीक है।
  • झड़े के बीच में अशोक चक्र, धर्मचक्र का प्रतीक है
  • अशोक चक्र में लगी 24 तीलियों का मतलब :
  1. संयम
  2. आरोग्य
  3. शांति
  4. त्याग
  5. शील
  6. सेवा
  7. क्षमा
  8. प्रेम
  9. मैत्री
  10. बन्धुत्व
  11. संगठन
  12. कल्याण
  13. समृद्धि
  14. उद्योग
  15. सुरक्षा
  16. नियम
  17. समता
  18. अर्थ
  19. नीति
  20. न्याय
  21. सहकार्य
  22. कर्तव्य
  23. अधिकार
  24. बुद्धिमत्ता
  • हमारे तिरंगे झंडे की लंबाई -चौड़ाई का अनुपात 2:3 है।

15 अगस्त को प्रधानमंत्री क्यों फहराते हैं झंडा ?

15 अगस्त 1947 की देर रात भारत आजाद हुआ था, आजाद भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने 15 अगस्त की सुबह दिल्ली के लाल किले में तिरंगा झंडा फहराया था तब से लेकर आज तक यह प्रथा बन गई है कि देश का नायक यानि प्रधान सेवक/प्रधानमंत्री लाल किले में तिरंगा झंडा फहराता है ।

तिरंगा झंडा फहराने का नियम:

  • पहले राजकीय स्थानों के अलावा किसी भी सार्वजनिक स्थानों पर झंडा फहराने की अनुमति नहीं थी। लेकिन 26 जनवरी, 2002 को ध्वज संहिता में संशोधन किया गया, जिसके बाद सार्वजनिक स्थानों पर भी तिरंगा फहराने की अनुमति दे दी गई।
  • तिरंगा फहराते समय उत्साहित होना चाहिए और उतारते समय पूरे सम्मान पूर्वक उतारना चाहिए।
  • तिरंगे को बिगुल की आवाज के साथ उतारना और फहराना चाहिए।
  • गंदा या फटा हुआ तिरंगा नहीं फहराना चाहिए।
  • अगर तिरंगा फट जाए या पुराना हो जाए तो उसे जमीन में दो फ़ीट गड्ढा कर सम्मान पूर्व ढक देना चाहिए, और यह ध्यान रखना चाहिए कि जिस जमीन पर तिरंगा ढक रहे हो वहां लोग ना जाते हो।
  • तिरंगा पर कभी कुछ नहीं लिखना चाहिए।
  • अगर आप तिरंगा को अपनी गाड़ी में रखते हैं तो यह गाड़ी के बीचों बीच रखना चाहिए, या फिर दाई तरफ।
  • तिरंगा को जमीन या पानी में नहीं रखा जा सकता।
  • तिरंगा को नाव या प्लेन पर नहीं लपेट सकते।
  • तिरंगा का इस्तेमाल सांप्रदायिक लाभ के लिए नहीं करना चाहिए।
  • तिरंगे के सामने कोई और बड़ा झंडा नहीं लगा सकते।