उदय बुलेटिन
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इंटरसिटी ट्रेन ठहराव के लिए युवाओं का आंदोलन तेज, आमरण अनसन में परिणित क्रमिक अनशन

युवा कहां तक बदल सकते हैं देश को ?

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

हज़ारों मिन्नतों के बावजूद रेलवे ने जब ग्रामीणों की समस्याओं को सुनने से इंकार कर दिया तब विवश होकर युवाओं को अनशन पर बैठना पड़ा। यह मामला हमीरपुर जिले के ग्राम इचौली का है। जहां से करीब आधा सैकड़ा ग्रामीणों को इस विशेष ट्रेन के ठहराव न होने से मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है,

इस बावत ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों को कई बार आवेदन और निवेदन करने अनुनय विनय भी की है। लेकिन जब अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों की समस्याओं का निदान नहीं हुआ तो मजबूर होकर ग्रामीणों ने क्रमिक अनशन करना प्रारंभ किया।

क्रमिक अनशन के बावजूद जब रेलवे और जिम्मेदार अधिकारियों ने इस मामले में कोई रुचि नहीं दिखाई तो विवेक पाल , और अशोक गुप्ता जैसे युवा समाज सेवियों ने इस क्रमिक अनशन को आमरण अनशन में परिवर्तित कर दिया। अब देखना यह है कि ग्रामीणों की आवाज सुनने के लिए अधिकारियों की तंद्रा कब टूटती है।

अनशन में मिल रहा पूरा सहयोग

ग्रामीणों की समस्याओं के कारण बुजुर्ग एवं बच्चे भी इस अनशन पर पूरा सहयोग प्रदान कर रहे है। यहाँ तक की किन्नर समुदाय भी इस अनशन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। अनशन में किन्नर समुदाय भी अपने साथियों के साथ बैठे, साथ ही भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और समाजवादी पार्टी के नेताओं में अपना सांकेतिक सहयोग उपलब्ध कराया, मौके पर अन्य सहयोगियों के साथ प्रख्यात युवा समाजसेवी सौरभ मिश्रा उपस्थित रहे।