उदय बुलेटिन
www.udaybulletin.com
फारुख अब्दुल्ला और लालकृष्ण आडवाणी के साथ सुषमा स्वराज
फारुख अब्दुल्ला और लालकृष्ण आडवाणी के साथ सुषमा स्वराज|Social Media
देश

शिष्या सुषमा स्वराज को गुरु लालकृष्ण आडवाणी ने दी श्रद्धांजलि

वरिष्ठ बीजेपी नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने सुषमा स्वराज को दी श्रद्धांजलि

AKANKSHA MISHRA

AKANKSHA MISHRA

भारत की पूर्व विदेश मंत्री, दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज का मंगलवार रात निधन हो गया। सुषमा स्वराज के निधन की खबर मिलते ही बीजेपी सहित कई दलों के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और इसे पार्टी की बड़ी क्षति बताया।

67 साल की सुषमा स्वराज जब भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुई थी तो उनकी उम्र महज 25 साल की थीं और वो समाजवादी पृष्ठभूमि से आती थी। सुषमा राजनीति में बीजेपी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी को अपना गुरु मानती थी। आज सुषमा ने निधन पर उनके गुरु लालकृष्ण आडवाणी के एक भावुक सन्देश लिखकर उन्हें नमन किया है और कहा कि मुझे सुषमा जी की अनुपस्थिति बहुत याद आएगी, उसकी आत्मा को शांति मिले।

LK Adwani messages
LK Adwani messages
Social Media

बीजेपी नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने अपने सन्देश में सुषमा ने साथ अपने परिवारिक रिश्ते को याद किया और उन्हें एक शानदार नेता के साथ-साथ एक अच्छी इंसान बताया। उन्होंने कहा कि मैंने अपना सबसे करीबी सहयोगी खो दिया हम सभी को आपकी कमी खलेगी।

आडवाणी ने सुषमा स्वराज को श्रद्धांजलि देले हुए लिखा -

'मेरी सबसे करीबी सहयोगी सुषमा स्वराज जी के निधन की खबर से मैं बहुत दुखी हूं। भारतीय जनता पार्टी में उनकी शुरुआत 80 के दशक में हुई थी। वो एक शानदार महिला नेता थीं। मैंने उन्हें अपनी टीम में शामिल किया था। 1980 के दौर में जब मैं बीजेपी का अध्यक्ष था तब वो बीजेपी की युवा कार्यकर्ता थी। कुछ ही समय में सुषमा हमारी पार्टी की सबसे लोकप्रिय नेता बन गईं। सुषमा जी कई महिलाओं के लिए रॉल मॉडल थीं।'

पार्टी में शामिल होने के कुछ समय बाद ही उनकी भाषण शैली के कई दिग्गज नेता मुरीद हो गए थे। सुषमा एक बेहतर वक्त थीं, चीज़ों को बहुत अच्छे से स्पष्ट तरीके से समझती थीं। उनका संवेदनशील स्वभाव उनकी ताकत थी। आज तक कोई एक भी साल ऐसा नहीं बिता होगा जब उन्होंने मेरे जन्मदिन पर मेरी पसंदीदा चॉकलेट केक ना खिलाया हो।

आज देश ने एक महान नेता खो दिया है। मेरे लिए ये एक बड़ी क्षति है जो कभी नहीं भर सकती। मुझे सुषमा जी हमेशा याद आएंगी। उनकी आत्मा को शांति मिले। मेरी संवेदनाएं पूरे स्वराज परिवार के साथ है।