उदय बुलेटिन
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Sushma Swaraj and Hamid Ansari
Sushma Swaraj and Hamid Ansari|Social Media
देश

सुषमा के प्रयासों से ही पाकिस्तान से सकुशल हुई थी हामिद अंसारी की वापसी   

सुषमा स्वराज ने विदेश मंत्री रहते हुए पाकिस्तान में फंसीं उजमा और गीता की सकुशल वापसी हो या हामिद अंसारी की पाकिस्तान जेल से रिहाई और वतन वापसी का किस्सा, उनकी मानवता की मिसाल पूरी दुनियां देती है।

AKANKSHA MISHRA

AKANKSHA MISHRA

भारतीय जनता पार्टी की कद्दावर नेता और पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का मंगलवार देर रात दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। सुषमा स्वराज भारतीय जनता पार्टी की एक ऐसी नेता थीं जिनकी प्रशंसा ना सिर्फ उनकी पार्टी के नेता करते हैं बल्कि विपक्षी दल भी उनके विशाल ह्रदय की कसमें खाता है। उनके मजबूत इरादों और संवेदनशील स्वभाव ने हर परिस्थिति का डट कर सामना किया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब 2014 का लोकसभा चुनाव जीतकर पहली बार सत्ता में आये तो सुषमा स्वराज को भारत के विदेश मंत्री का कार्यभार मिला। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने विदेशों में फंसे कई भारतीयों की सकुशल वापसी का रास्ता बनाया। चाहे धोखे से कुवैत और दुबई में फंसे भारतीय मजदूरों की वापसी हो या तीन साल तक पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय नागरिक हामिद अंसारी की सकुशल वापसी का मसला , सुषमा स्वराज के कई ऐसे किस्से हैं जिनकी चर्चा पूरी दुनिया करती है।

सुषमा स्वराज के अथक प्रयासों की वजह से पाकिस्तान की जेल में तीन साल तक बंद हामिद अंसारी जब वापस भारत लौटे तो पूरे दुनिया ने विदेश मंत्री को बधाई दी। उनके कामों की खूब सराहना की गई। लेकिन जब आज सुषमा स्वराज इस दुनिया में नहीं हैं तो हामिद दुखी हैं। सुषमा स्वराज को याद करते हुए हामिद कहते हैं कि -

मेरे मन में उसके प्रति बहुत सम्मान है और वह हमेशा मेरे दिल में जिंदा रहेंगी। वह मेरे लिए एक मां की तरह थीं। पाकिस्तान से लौटने के बाद, उसने मुझे आगे बढ़ने में मदद की मुझे रास्ता दिखाया। मेरे लिए यह बहुत बड़ी क्षति है।

हामिद अंसारी

दरअसल, हामिद अंसारी मुंबई के रहने वाले हैं और पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। हामिद अंसारी को अवैध रूप से अफगानिस्तान के जरिये पाकिस्तान में घुसने को लेकर साल 2012 में पाकिस्तानी सेना ने गिरफ्तार कर लिया था। हामिद सोशल मीडिया के माध्यम से दोस्ती बनी एक महिला से मिलने के लिए पाकिस्तान गए थे। उनकी गिरफ्तारी के समय उनके पास से पाकिस्तान का फर्जी पहचान पत्र मिला था। जिसके बाद उन्हें तीन साल तक पाकिस्तान की जेल में रखा गया। साल 2015 में उनकी सजा पूरी हो गई थी लेकिन उन्हें रिहा नहीं किया गया। लेकिन जब अमीद के परिजनों ने सुषमा स्वराज से मुलाकात तक उन्हें इस बारे में बताया तो उन्होंने हामिद की मदद और उनकी वतन वापसी संभव हो सकी।