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राज्यपाल से मिले उमर अब्दुल्ला
राज्यपाल से मिले उमर अब्दुल्ला|Social Media
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J&K: राज्यपाल से मिले उमर अब्दुल्ला, कहा - ये क्या हो रहा है ? 

जम्मू-कश्मीर मसले पर कांग्रेस ने कहा, भारत ने पाकिस्तान के सामने इस तरह कभी सरेंडर नहीं किया। 

AKANKSHA MISHRA

AKANKSHA MISHRA

जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला प्रदेश के बदलते हालात से बेहद परेशान नज़र आ रहे हैं और इन्हीं चिंताओं के बीच आज वो जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक से मिलने पहुंचे। राज्यपाल से मुलाकात के बाद उमर अब्दुल्ला ने कहा कि 'मैं जम्मू-कश्मीर के मौजूदा हालात के बारे में जानना चाहता था। इसलिए गवर्नर से मिलने आया। लेकिन वो तो कहते हैं कि कुछ हो ही नहीं रहा, हमें कोई कुछ बता ही नहीं रहा है। राज्यपाल ने हमें नहीं बताया की मोदी सरकार आर्टिकल 370 के साथ क्या करने वाली है।

उमर अब्दुल्ला ने आगे कहा कि 'जम्मू कश्मीर में तैनात सरकारी अधिकारी भी हमें कुछ बताने को तैयार नहीं है। जम्मू-कश्मीर पर अंतिम फैसला केंद्र सरकार का होता है। मैं इस मुद्दे पर अब भारत सरकार से सुनना चाहता हूं, प्रधानमंत्री मोदी संसद में बताए की आखिर यहां क्या होने वाला है। मैंने कल इस सिलसिले में उनसे मुलाकात भी की थी।’

उमर अब्दुल्ला ने आगे कहा कि 'प्रधानमंत्री मोदी ने मुलाकात के दौरान कहा था कि हम आर्टिकल 370 के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं करने वाले हैं, लेकिन अमरनाथ के यात्रियों को जिस तरह वापस भेजा जा रहा है उसपर हमें सदेंह है। सरकार अपना पक्ष साफ़ करें।’

उन्होंने कहा, हमने घाटी के अन्य नेताओं से भी मुलाकात की है, सभी ने अमरनाथ यात्रा को लेकर चिंता जाहिर की है। कुछ नेताओं ने राज्यपाल से मुलाकात कर कहा कि ये सब अफवाह है कुछ होने वाला नहीं है। लेकिन जम्मू-कश्मीर में कुछ बड़ा होने वाला है।

वहीं जम्मू-कश्मीर के वर्तमान हालात को देखते हुए कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाया और कहा कि कांग्रेस ने वर्तमान सरकार की तरह पाकिस्तान के सामने कभी सरेंडर नहीं किया। अगर अमरनाथ यात्रा पर आतंकी खतरा मंडरा रहा था तो सरकार ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं किये ? जैसा अभी हो रहा था ठीक वैसे ही हालात 1947 के दौरान थे, जब भारत, पाकिस्तान प्रायोजित आतंकियों का सामना कर रहा था। लेकिन भारत ना तो 1947 में झुका और ना ही 1990 में।