उदय बुलेटिन
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POCSO Act
POCSO Act|Social Media
देश

CBSE ने शुरू की तैयारी अब यौन अपराध मुक्त होगा भारत 

बच्चों को शारीरिक शोषण के प्रति जागरूक करेगा CBSE 

AKANKSHA MISHRA

AKANKSHA MISHRA

इन दिनों हमारे देश में बच्चों के साथ शारीरिक यौन शोषण की घटनाएं दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही हैं। कल झारखण्ड के जमशेदपुर में तीन साल की बच्ची के साथ एक अधेड़ उम्र के व्यक्ति ने यौन अपराध किया। जिसके बाद पुलिस ने उस अपराधी को गिरफ्तार कर लिया, मामले की छानबीन के पता चला कि वह मानसिक रूप से बीमार है और इससे पहले भी इस तरह की अनैतिकता कर चुका है।

बच्चों के साथ हो रहे ऐसे आपराधिक घटनाओं पर सख्त से सख्त सजा देने और अपराधियों पर लगाम कसने के लिए लोकसभा में कल (गुरुवार, 1 अगस्त) POSCO (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण) संशोधन विधेयक 2019 को मंजूरी दे दी गई। जिसमें नाबालिक बच्चों के साथ दुराचार करने वाले लोगों को सजा के रूप में मृत्यु दंड देने का प्रवधान दिया गया है। लोकसभा में इस विधेयक के पास होने पर महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि 'मैं लोकसभा के सभी सदस्यों को धन्यवाद देना चाहती हूँ, इस बिल के पास होने से हमारे बच्चों को सुरक्षित बचपन मिलेगा। लोकसभा में इस विधेयक पर चर्चा करते हुए स्मृति ईरानी ने कहा कि हम ऐसे अपराधों को रोकने के लिए CBSE के साथ काम करेंगे।

CBSE के साथ सुरक्षित बचपन का संकल्प

  • POCSO पर चर्चा करते हुए स्मृति ईरानी के कहा कि CBSE अपने सभी स्कूलों में POCSO एक्ट के प्रति जागरूकता कार्यक्रम चलाएगा।
  • बच्चों को अच्छे और बुरे टच के बारे में जानकारी दी जाएगी। जिससे अगर बच्चों के साथ कुछ गलत होता है तो वो उसे अपने पेरेंट्स को बता सके।
  • बच्चों को बताया जाएगा कि जब भी उन्हें कुछ गलत लगे तो वो शोर मचाकर अपने माता-पिता को बुला लें।
  • CBSE अपने सभी स्कूलों में समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाता रहेगा।
  • इस अभियान में 40 हज़ार शिक्षकों को जोड़ा जाएगा। ताकि हर बच्चा जारूक बने।

आपको बता दें कि POCSO एक्ट के तहत दोषी पाए गए लोगों को कम से कम 20 साल की कठिन कारावास की सजा सुनाई जाएगी। जिसमें आजीवन कारावास, मृत्युदंड और जुर्माने का भी प्रावधान रखा गया है।