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उन्नाव रेप पीड़िता के साथ हादसा या साजिस, सीबीआई को केस देने की तैयारी 

उन्नाव रेप पीड़िता के साथ सड़क हादसा  

AKANKSHA MISHRA

AKANKSHA MISHRA

उत्तर प्रदेश के उन्नाव में लगभग एक साल पहले जिस रेप केस की घटना ने यूपी की सियासत में भूचाल लाकर रख दिया था आज फिर से वो केस सुर्ख़ियों में है। उन्नाव रेप केस की पीड़िता 28 जुलाई की शाम सड़क हादसे का शिकार हो गई। इस हादसे में रेप पीड़िता और उसका वकील बुरी तरह जख्मी हो गए। जबकि कार में सवार अन्य दो लोगों की मौत घटनास्थल पर ही हो गई। इस घटना के बाद कई सवाल उठने लगे हैं और अब उत्तर प्रदेश के DGP ओपी सिंह ने कहा है कि अगर पीड़िता का परिवार सीबीआई जाँच की मांग करता है तो हमें कोई एतराज नहीं है।

कुछ सवाल जो साजिस की तरफ इशारा करते हैं

उन्नाव रेप केस की पीड़िता अपनी मौसी, चाची और वकील के साथ अपने चाचा से मिलने उन्नाव से रायबरेली जेल गई थी। पीड़िता के साथ हादसा तब हुआ जब वो रायबरेली से उन्नाव वापस लौट रही थी। उल्टी दिशा से आ रहे एक तेज रफ़्तार ट्रक ने पीड़िता की गाड़ी को जोरदार टक्कर मार दी । शुरुआत में यह सड़क हादसा लगा लेकिन जब मौके पर पुलिस पहुंची तो पीड़िता की गाड़ी को टक्कर मारने वाले ट्रक से जांच शुरू हुई। ट्रक के नंबर प्लेट पर जैसे ही सबकी नज़र पड़ी सभी चौंक गए। दरअसल ट्रक के नंबर प्लेट के साथ छेड़छाड़ हुई थी। ट्रक की नंबर प्लेट पर कालिख पुती थी। जिसके बाद संदेह की स्थिति उत्पन्न हो गई और कई सवाल खड़े हो गए।

  • पीड़िता की गाड़ी को टक्कर मारने वाले ट्रक के नंबर प्लेट से छेड़छाड़ क्यों हुई।
  • पीड़िता के साथ उसके सुरक्षाकर्मी क्यों नहीं थे ?
  • पीड़िता के परिवार को जब जान से मारने की धमकी दी गई थी तो पुलिस से जांच क्यों नहीं की ?

सीबीआई जांच को तैयार उत्तर प्रदेश पुलिस

इस सड़क हादसे के बाद मीडिया से बात करते हुए यूपी DGP ओपी सिंह ने कहा कि "हम इस मामले में निष्पक्ष जांच करना चाहते हैं, जहां तक हमें पता चला है ,यह सड़क हादसा ट्रक ड्राइवर की गलती के कारण हुआ है, ट्रक ड्राइवर और उसके मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया है। यदि परिवार इस मामले की सीबीआई जांच की मांग करता है, तो हम यह केस सीबीआई के हाथों सौंप देंगे।"

“हमने उन्नाव रेप पीड़िता की सुरक्षा में कोई लापरवाही नहीं की है। पीड़िता जब अपने चाचा से मिलने रायबरेली जा रही थी तो गाड़ी में जगह की कमी के कारण, उसने ही सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों से अनुरोध किया कि वह कल रायबरेली में उसके साथ न जाएं। हम अपनी तरफ से इस मामले की जांच कर रहे हैं ?

UP DGP

अखिलेश यादव ने की CBI जांच की मांग

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस सड़क हादसे के बाद सीबीआई जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह महज सड़क दुर्घटना नहीं है बल्कि पीड़ित परिवार के खिलाफ साजिस है। पीड़िता के परिवार को अपराधी ख़त्म करना चाहते थे। इस मामले में सीबीआई जाँच अनिवार्य है। अदालत ने पिछले साल भी पीड़ित परिवार को पुलिस सुरक्षा देने की बात कही थी लेकिन परिवार को सुरक्षा नहीं मिला। यह रेप केस बहुत हाई प्रोफाइल है।

प्रियंका गांधी ने कहा "भाजपा सरकार से न्याय की कोई उम्मीद नहीं की जा सकती है?"

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस मामले में बीजेपी और उत्तर प्रदेश पुलिस को फटकार लगाई है। उन्होंने कहा कि "उन्नाव बलात्कार पीड़िता के साथ सड़क दुर्घटना का हादसा चौंकाने वाला है। इस केस में चल रही जाँच कहाँ तक पहुँची? आरोपी विधायक अभी तक भाजपा में क्यों हैं? पीड़िता और गवाहों की सुरक्षा में ढिलाई क्यों? इन सवालों के जवाब दिए बिना क्या भाजपा सरकार से न्याय की कोई उम्मीद की जा सकती है?

मायावती ने कहा सुप्रीम कोर्ट संज्ञान ले

उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा अध्यक्ष मायावती ने इस मामले में कहा है कि "उन्नाव रेप पीड़िता के कार की रायबरेली में कल ट्रक से टक्कर प्रथम दृष्टया उसे जान से मारने का षडयंत्र लगता है जिसमें उसकी चाची व मौसी की मौत हो गई तथा वह स्वंय व उसके वकील गंभीर रूप से घायल हैं। मा. सुप्रीम कोर्ट को इसका संज्ञान लेकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए। साथ ही, बीजेपी की यह कार्रवाई धरातल पर भी लोगों को जरूर नजर भी आनी चाहिए, यह बीएसपी की पुरजोर माँग है।

क्या है मामला ?

यह घटना साल 2017 की है। जब भारतीय जनता पार्टी के विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर एक महिला ने आरोप लगाया था कि जब वो विधायक जी के घर काम मांगने गई थी तो विधायक ने उसके साथ बलात्कार किया। इस मामले में पीड़ित महिला ने पुलिस के पास जाकर FIR दर्ज करवाई। कोर्ट ने भी इस मामले को गंभीरता के साथ लेते हुए जांच के आदेश दिए। हालांकि इसी बीच विधायक पीड़ित परिवार को हमेशा धमकाते रहे। उनपर दबाव बनाते रहे। जब पीड़ित परिवार इस मामले को लेकर पुलिस के पास दोबारा पहुंचा तो पुलिस ने उल्टा पीड़िता के पिता को जेल में बंद कर के खूब मारा और जेल में ही पीड़िता के पिता की मौत हो गई।। पुलिस से न्याय ना मिलने के बाद पीड़िता ने आत्महत्या करने की कोशिश की जिसके बाद मामला तूल पकड़ा और अधिकारीयों ने इसे गंभीरता से लिया।